औरैया। जनपद में बटाई पर खेती करने वाले किसानों को अब यूरिया व डीएपी खाद लेने के लिए एक नई प्रक्रिया से गुजरना होगा।
जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश जारी किए हैं कि यदि कोई किसान बटाई के खेत के लिए खाद खरीदने आता है, तो उससे खेत के असली मालिक का आधार कार्ड लिया जाना अनिवार्य होगा। वहीं गड़बड़ी करने पर जेल जाना पड़ेगा।
विक्रेताओं को पीओएस मशीन में खेत मालिक का नाम और आधार नंबर दर्ज करना होगा। अंगूठा खाद खरीदने आए किसान का ही लगवाया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि पीओएस मशीन से स्टॉक कम करते समय फार्मर और दूसरे विकल्प आते हैं। बटाईदार के मामले में दूसरे (अदर) विकल्प को चुनकर उसका पूरा विवरण भरना होगा।
चेतावनी दी है कि यदि बटाईदार के नाम पर खाद वितरण में कोई गड़बड़ी या कालाबाजारी पाई गई, तो उर्वरक आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है। किसान फार्मर रजिस्ट्री, खतौनी के आधार पर किसी भी केंद्र से खाद ले सकते हैं।