गेल स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के अंग्रेजी- हिंदी टीचरों की दो दिवसीय वर्कशाप रविवार को शुरू हुई। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि भारत की राष्ट्र भाषा हिंदी को बोलने में हमें शर्म नहीं आनी चाहिए। वहीं अंग्रेजी भारत को विश्व गुरु बना सकती है।
गेल के एचआरडी महाप्रबंधक एके श्रीवास्तव ने कहा कि कार्यशाला में हिंदी और अंग्रेजी के विद्वान दोनों भाषाओं की प्रगति को आवश्यक सुझाव देते हुए कार्यशाला को सफल बनाएं। कहा कि दोनों ही भाषाओं का अपना महत्व है।
विवेकानंद ग्रामोद्योग महाविद्यालय प्राचार्य डा.डीपी सिंह ने कहा कि हिंदी शिक्षकों को हिंदी की वर्तमान दशा सुधारने पर काम करना चाहिए।
कहा कि देश की राष्ट्र भाषा हिंदी को बोलने में हमें शर्म नहीं बल्कि गर्व महसूस करना चाहिए। एनसीईआरटी नई दिल्ली के प्रोफेसर डा. आर मेघनाथन ने बताया कि अंग्रेजी किस प्रकार से अपने भारत देश को विश्व गुरु बना सकती है।
विद्यालय प्राचार्य आनंद स्वरूप सारस्वत ने सभी टीचरों एवं अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने दो दिवसीय कार्यशाला के दौरान शिक्षा की नई प्रणालियों का विकास कर उन प्रणालियों का विद्यालयों में प्रयोग करने पर बल दिया।
पहले दिन कक्षा में छात्र- छात्राओं की उपस्थिति के अनुरूप टीचरों को पढ़ाने के नए नए तरीके सुझाए गए। दो दिवसीय कार्यशाला में दोनों प्रदेशों से कुल 24 शिक्षक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इससे पूर्व कार्यशाला की शुरुआत वैदिक रीति रिवाज के साथ हुई। हवन के साथ सभी अतिथियों का रोली चंदन लगाकर स्वागत किया गया।