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Auraiya News: जानलेवा हमले के तीन दोषियों को सात साल की सजा

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औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विकास गोस्वामी ने दो दशक पूर्व थाना सहायल क्षेत्र के गांव उम्मेदपुर में झगड़े के मामले में सजा सुनाई है। एक पक्ष के तीन दोषियों को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस दौरान कोर्ट ने दोषियों पर 35-35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। तथा दूसरे पक्ष के तीन दोषियों को एक वर्ष के साधारण कारावास व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
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मामला चार अगस्त 2002 को थाना सहायल क्षेत्र के गांव उम्मेदपुर का है। गांव निवासी वादी राम स्वरूप ने रिपोर्ट लिखाई कि गांव की ग्राम समाज की कच्ची सड़क को प्रधान सौंथरा के प्रधान पति सीताराम बनवा रहे थे। जिसका कुछ लोग विरोध कर रहे थे। वादी ने बताया कि उसके पुत्र मनोज कुमार व भतीजे विनोद कुमार ने कहा कि सड़क को एक किनारे से निकाल लो। इसी बात पर वहां पर खड़े प्रदीप कुमार, राजेश कुमार व बृहमदत्त ने गालियां देना शुरू कर दिया। आरोप है कि प्रदीप कुमार, बृहमदत व राजेश कुमार ने लाठी-डंडा व फावड़ा से वादी के लड़के व भतीजे को पीटना शुरू कर दिया। दोनों को चोटें आईं। वादी की रिपोर्ट साधारण धाराओं में दर्ज हुई।
उच्च न्यायालय के निर्देश पर धारा 308 में आरोप बनाए गए। इस मुकदमा के क्रास में विनोद कुमार, मनोज कुमार व सतीश कुमार के विरुद्ध मारपीट की रिपोर्ट हुई। यह दोनों मामले अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम की कोर्ट में चले। जिन पर सोमवार को निर्णय सुनाया गया। प्राण घातक हमले के मामले में अभियोजन की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने दो लोगों को घायल करने के दोषियों को कठोर सजा देने की बहस की। वहीं बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताया।
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दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे प्रथम विकास गोस्वामी ने तीन अभियुक्त प्रदीप कुमार, राजेश कुमार व बृहमदत को सात वर्ष के कठोर कारावास व 35-35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड की राशि में से 50 हजार रुपये की राशि घायल मनोज कुमार को बतौर प्रतिकर राशि के रूप में देने का भी आदेश दिया। क्राॅस केस के आरोपी विनोद कुमार, मनोज कुमार व सतीश कुमार को एक-एक वर्ष के साधारण कारावास व एक-एक हजार रुपये की सजा से दंडित किया गया।
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इस मामले में दोषियों के द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
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