औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र में हुए धोखाधड़ी और टप्पेबाजी के मामले में न्यायालय ने सात आरोपियों को दोषी ठहराते हुए चार-चार साल की सजा सुनाई है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि सिसौदिया ने सभी दोषियों पर तीन-तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामले में ओडिशा के जाजपुर जिला निवासी दुखिया नायक, प्रताप सौंधी, राजू, माइकल, शिवा, मीणा सरसा और दुर्गा प्रधान शामिल थे, इनमें दुखिया, मीणा और दुर्गा तीन महिलाएं हैं। इन सभी ने शहर के एक व्यापारी सत्यजीत को सस्ता सोना देने का झांसा देकर ठगने की कोशिश की और उसकी दुकान से मोबाइल, नकदी व अन्य सामान लेकर फरार हो गए।
पीड़ित सत्यजीत ने बताया कि आठ अक्तूबर 2025 को आरोपी उसकी वैष्णवी ट्रेवल्स कार्यालय पर पहुंचे और एक किलो सोना मिलने की बात कहकर सस्ते में बेचने का लालच दिया। जांच के नाम पर उन्होंने पांच ग्राम नकली सोना देकर पांच हजार रुपये ले लिए। जब सोना नकली निकला और वह वापस लौटा तो आरोपी दुकान से सामान लेकर गायब हो चुके थे।
पुलिस ने जांच के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने राहत की मांग की लेकिन अदालत ने अपराध को गंभीर मानते हुए सजा सुनाई। सभी दोषियों को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।