औरैया। दिबियापुर के गेल इंडिया लिमिटेड में सीनियर मैनेजर का करीब चार दिन पुराना शव उनके आवास में बेड पर पड़ा मिला।
छानबीन में पुलिस को उनके शरीर पर कई जगह फफोले पड़े मिले। जीभ भी बाहर निकली थी। इसके अलावा बेड पर चादर न होना और कंबल एक किनारे पड़ा होना मौत के दौरान संघर्ष की कहानी बयां कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस हत्या या आत्महत्या दोनों बिंदुआें पर जांच कर रही है।
बाजापु रेड्डी रेनाटी (52) गेल इंडिया लिमिटेड में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। वह मूल रूप से आंध्र प्रदेश स्थित अनंतपुर के निवासी थे। वह गेल परिसर में स्थित अपने आवास पर अकेले रहते थे। सोमवार को उनके यहां काम करने वाली महिला कर्मी उनके आवास पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से खुला था।
महिला ने अंदर जाकर देखा तो बाजापु रेड्डी कमरे में बेड पर पड़े मिले। उसके शोर मचाने पर आसपास के आवास में रहने वाले अधिकारी-कर्मचारी एकत्र हो गए। बताया जा रहा है कि सफाई कर्मचारी दरवाजा बंद होने और कोई जवाब न मिलने से लौट जाते थे। महिला कर्मी अंदर गई तो मौत की बात स्टाफ को पता लगी।
कर्मचारियों की सूचना पर एनटीपीसी चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र शर्मा फोर्स के साथ अंदर पहुंचे। जांच में पाया गया कि बेड पर कंबल किनारे पड़ा था। बेड पर चादर नहीं था, उनका मोबाइल फोन पास में पड़ा मिला।
आशंका जताई जा रही है कि मौत से पहले उसने संघर्ष किया। जांच के बाद पुलिस सीनियर मैनेजर को सीएचसी ले गई। पुलिस के अनुसार शव तीन से चार दिन पुराना है। प्राथमिकी जांच में उनके अधिक शराब पीने की बात सामने आई है।
थाना प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि परिजन को सूचना दे दी गई है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
साइड स्टोरी
सीनियर मैनेजर को खाए जा रहा था अकेलापन और अवसाद
दिबियापुर (औरैया)। गेल परिसर में सीनियर मैनेजर की संदिग्ध हालात में हुई मौत के पीछे उनके जीवन का एक दर्दनाक पहलू भी सामने आया है।
पुलिस और विभागीय सूत्रों के अनुसार, बाजापु पिछले काफी समय से गंभीर मानसिक तनाव और अकेलेपन से जूझ रहे थे। अपनों से दूरी उन्हें भीतर ही भीतर खाए जा रही थी। अपना गम छिपाने के लिए वह इतने नशे में डूब जाते थे कि उन्हें सुध ही नहीं रहती थी।
बाजापु रेड्डी रेनाटी (52) गेल इंडिया लिमिटेड में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि वह करीब डेढ़ साल पहले ही दिबियापुर गेल आए थे। वह गेल परिसर में ही स्थित अपने आवास पर अकेले रहते थे। परिवार के लोग उनसे मिलने नहीं आते थे।
पारिवारिक दिक्कतों और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण उनका परिवार भी पिछले कुछ वर्षों से उनसे अलग रह रहा था। इसके अलावा परिवार उनसे मतलब भी नहीं रखता था। अपनों से इस दूरी ने उनके भीतर के अकेलेपन को और बढ़ा दिया।
इस अवसाद का असर उनकी जीवनशैली पर इस कदर पड़ा कि वे खुद को संभाल नहीं पा रहे थे। पुलिस की पूछताछ में कर्मचारियों ने बताया कि वे अक्सर अत्यधिक अस्वस्थता और नशे की हालत में परिसर स्थित कैंटीन पहुंचते थे। मानसिक और शारीरिक रूप से वे इतने टूट चुके थे कि कई बार भोजन करते समय टेबल पर ही सो जाते थे।
उनके विभाग के टीम लीडर और साथी कर्मचारियों ने उन्हें इस अवसाद से बाहर निकालने और समझाने की कई बार कोशिश की लेकिन अकेलेपन के कारण उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका।
उनके और परिवार के बीच इतनी दूरी क्यों थी ?
बाजापु आंध्र प्रदेश स्थित अनंतपुर के निवासी थे। परिवार में कौन-कौन है, उनके और परिवार में बीच इतनी दूरी क्यों थी। यह परिजन के आने पर ही पता चलेगा। कर्मचारियों की मानें तो बाजापु को उनके पद के अनुसार काफी अच्छा वेतन मिलता था। इसके बाद भी परिवार उनके साथ नहीं था।
बाजापु भी अपनी पारिवारिक स्थिति किसी साथी से बयां नहीं करते थे। इससे साथी भी ज्यादा कुछ जानकारी पुलिस को नहीं दे पा रहे हैं। फिलहाल गेल कंपनी ने परिजन को उनकी मौत होने की जानकारी दे दी है। पुलिस पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजन के आने का इंतजार कर रही है।
15-15 दिन ड्यूटी से नदारद रहते थे...इसलिए नहीं हुआ मौत होने का शक
तनाव के चलते बाजापु रेड्डी कई बार लगातार 15-15 दिनों तक ड्यूटी पर नहीं जाते थे। इसे उनकी आदत जान कर किसी अधिकारी व कर्मचारी को इस बात की आशंका ही नहीं हुई कि बाजापु की मौत हो गई है। उधर सूत्र बताते हैं कि बाजापु के आवास पर जो महिला कर्मचारी साफ-सफाई करने आती थी, वह भी चार दिन बाद आई थी। महिला चार दिन बाद क्यों आई थी। यह फिलहाल जांच का बिंदु है।
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हत्या या आत्महत्या...सवाल कई
1-चार दिन से बाजापु का शव आवास में बेड पर पड़ा था, कमरे में सिर्फ पंखा चल रहा था, इतनी गर्मी और उमस में शव सड़ गया तो आसपास रहने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को बदबू क्यों नहीं लगी।
2-चार दिन से उनके घर का दरवाजा अंदर से खुला था, वह आवास से बाहर नहीं निकले, ऑफिस भी नहीं गए, न ही कैंटीन में खाना खाने पहुंचे, ऐसे में किसी को अनहोनी की आशंका क्यों नहीं हुई।
3-पुलिस की छानबीन में बाजापु का शव जिस बेड पर मिला, वहां कंबल अस्त-व्यस्त था। उनकी जीभ बाहर निकली थी। पुलिस परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो वाकया सामने आ सकता है।
4-पुलिस परिजन के आने पर पोस्टमार्टम की बात कर रही है लेकिन छानबीन में मिले कई बिंदुआें को बावजूद अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह हत्या है या आत्महत्या।
फोटो-24- कमरे में घटना की जांच करती पुलिस। संवाद