उच्च शिक्षा उत्तर प्रदेश के सौजन्य से भूमंडीकरण का दौर और समाजवाद विषयक दो दिवसीय सेमीनार का आयोजन विवेकानंद ग्रामोद्योग महाविद्यालय में 28 मार्च से प्रारंभ होगा। इसमें कई समाजवादी चिंतक हिस्सा लेंगे। सेमीनार को स्तरीय बनाने के लिए महाविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।
महाविद्यालय प्राचार्य डा. डीपी सिंह, समन्वयक आलोक कुमार यादव ने वार्ता में बताया कि समाजवादी योद्धाओं ने भारतीय समाजवाद को रूपांतरण की एक ऐसी समग्र एवं सर्वांगीण योजना के रूप में प्रस्तुत किया, जहां समाज में समानता, स्वतंत्रता, व्यक्तित्व विकास के अवसर एवं रूढ़ियों से मुक्ति, राजनीतिक एवं आर्थिक समानता के अवसर प्राप्त हों।
संगोष्ठी का उद्देश्य समाजवादी विचारों की महत्ता एवं प्रासंगिकता के बारे में लोगों को अवगत कराना है।
संगोष्ठी के उप विषय समाजवाद की आधुनिक परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता, समाजवादी दर्शन भारतीय संदर्भ में, डा. राममनोहर लोहिया का समाजवाद, आचार्य नरेंद्र देव का समाजवादी चिंतन, गांधीजी के चिंतन में समाजवाद, समाजवादी चिंतन एवं हिंदी साहित्य, राष्ट्रीयता और समाजवाद, आधुनिक शिक्षा पर समाजवाद का प्रभाव आदि रखे गए हैं।
बताया कि दो दिवसीय सेमीनार में दर्जा प्राप्त पूर्व राज्यमंत्री चौ.रामबाबू यादव, विधायक दिबियापुर प्रदीप यादव, कन्नौज के साहित्यकार डा. जीवन शुक्ला, जनता महाविद्यालय अजीतमल के डा. अर्जुन सिंह सेंगर, अकबरपुर महाविद्यालय के डा. प्रदीप दीक्षित समेत कई विद्धान अपने विचार व्यक्त करेंगे।