अस्पताल के खुलते ही मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल में डाक्टरों की कमी के चलते मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। उपचार में देरी होती देख कई मरीज वापस लौट गए। चारों ओर भीड़ से अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बना रहा। सीएमएस ने अस्पताल में डाक्टरों की कमी होने की बात स्वीकारी है।
पर्चे बनवाने को लगी होड़- जिला अस्पताल खुलने से पहले ही मरीज पर्चे बनवाए जाने वाले काउंटर पर मरीजों और तीमारदारों की लंबी लाइनें लगी रहीं। जैसे ही पर्चे बनना शुरू हुआ तो मरीजों में अफरातफरी मच गई। भीड़ देख सारा दिन फार्मेसिस्ट परेशान दिखे।
दवा का स्टाक दिखा कम- सोमवार को जिला अस्पताल में करीब 500 से लेकर 600 मरीजों ने आमद दर्ज कराई। मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए दवा वितरण कक्ष में दवाई भी कम पड़ गई। फार्मेसिस्टों ने स्टाक रूम से दवा मंगाकर मरीजों को दवाई वितरित की। बताते चलें कि रोजाना 200 से 300 के बीच ओपीडी जाती है।
जमीन पर बैठने को मजबूर रहे मरीज-जिला अस्पताल की नई बिल्ंिडग के बाल रोग विशेषज्ञ डा. अरुण तिवारी व डा. शत्रुघ्न कटियार के चैंबर के बाहर मरीजों का रेला लगा दिखाई पड़ा।
लोग अपनी बारी के इंतजार में घंटों बैठे रहे। वहीं अधिक भीड़ को देखते हुए कई मरीज फ र्श पर ही बैठे रहे। वहीं बिना इलाज के भी सैकड़ों मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। इसके चलते उपचार में असुविधा होती है। निदेशालय से चिकित्सकों की मांग की गई है, लेकिन अभी तक कोई चिकित्सक नहीं मिला है।--डा.एन.के.मिश्रा (मुख्य चिकित्साधीक्षक, औरैया)