फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना का है शक तो मजिस्ट्रेट के सामने टेस्ट ही मान्य

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। कोरोना महामारी का अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक में डर बैठ गया है। व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये अधिकारी और कर्मचारी अपनी खराब तबियत का हवाला देते हुए चुनाव ड्यूटी कटवाने की जुगत लगा रहे हैं।
विज्ञापन

चुनाव ड्युटी में लगे बहुत से लोग तो व्हाट्सएप से उच्चाधिकारियों को स्वयं के कोरोना संक्रमित का हवाला देकर ड्यूटी कटवाने की मांग कर रहे हैं। ऐसी स्थिति को देखते हुए अपर जिला निर्वाचन अधिकारी ने मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में टीम गठित की है। टीम की मौजूदगी में टेस्ट कराना होगा, जिसके बाद ही उसे रिपोर्ट के आधार पर संक्रमित माना जाएगा।
एडीएम रेखा एस. चौहान ने बताया कि निर्वाचन ड्यूटी में लगे कुछ आरओ, एआरओ, जोनल, सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कार्मिक स्वयं का एंटीजन टेस्ट कराकर व्हाट्सएप पर कोरोना पॉजिटिव होना बता रहे हैं। इस प्रकार का कोई भी एंटीजन टेस्ट मान्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कोविड की आरटीपीसीआर व मजिस्ट्रेट के समक्ष कराई गई एंटीजन रिपोर्ट ही मान्य होगी। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्मिक मजिस्ट्रेट से संपर्क कर अपना एंटीजन टेस्ट कराएं ताकि सही स्थिति पता चल सके।
विज्ञापन

शिक्षकों में भी डर, ट्विटर पर चला रहे अभियान
कोरोना महामारी व मौसम के कारण उपजी बीमारियों के फैलने से चुनाव में ड्यूटी कर रहे शिक्षक व अन्य कार्मिक भी भयभीत हैं। शिक्षक ट्विटर टर पर अभियान चलाकर चुनाव रोके जाने की मांग कर रहे हैं।
यूटा जिलाध्यक्ष ओमजी पोरवाल ने कहा कि यूटा प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र राठौर का कहना है कि किसी को बीमार होने पर जबरन ड्यूटी नहीं करना है। यह बहुत दुखद है कि बीमारी के चलते शिक्षकों की मौत की खबरें चारों तरफ से आ रही हैं। ड्यूटी में लगे जिले के कई शिक्षक बीमार भी हैं। शिक्षकों को सांत्वना और तसल्ली दी जा रही है कि जान है तो जहान है। अगर उनके हालात नहीं सुधरे तो यूटा संगठन उनके साथ रहेगा। यूटा की ओर से ही ट्विटर पर अभियान चलाया गया है जो लगातार जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें