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Auraiya News: मानक विहीन स्कूलों पर कसा शिकंजा, आठ विद्यालयों को नोटिस

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संवाद न्यूज एजेंसी
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औरैया। शिक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले विद्यालयों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। डीएम के निर्देश पर बीएसए ने कई स्कूलों का निरीक्षण कर मान्यता जांची। इसमें शहर के नामी आठ स्कूल मानक विहीन संचालित मिले, जिन्हें नोटिस जारी की गई है। इनमें से कुछ में प्री-प्राईमरी तो कुछ में प्राइमरी की मान्यता सालों से नहीं थी। डीएम ने विद्यालयों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि जिले में कई विद्यालय बिना मान्यता के संचालित किए जा रहे हैं। इसको लेकर लगातार स्कूलों का निरीक्षण कर हकीकत जांची जा रही है। पिछले सप्ताह किए गए निरीक्षण में शहर के स्वामी नारदानंद बालिका विद्यालय में छात्र संख्या शून्य मिली। जबकि इस विद्यालय द्वारा एमडीएम के लिए लगातार कंवर्जन कास्ट ली जा रही है जो वित्तीय अनियमितता के दायरे में आता है। शिक्षक उपस्थिति के अलावा एक भी अभिलेख नहीं मिला।
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एसकेवी पब्लिक स्कूल खरका की मड़ैया बिना मान्यता के संचालित मिला। इस विद्यालय को कक्षा प्री-प्राइमरी से कक्षा पांच तक की अस्थायी मान्यता एक अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2021 तक के लिए दी थी। मान्यता समाप्त होने के बाद भी प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक विद्यालय संचालित मिला है। इसी तरह पोरवाल रेजीडेंसियल इंग्लिश स्कूल सत्तेश्वर को प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक की अस्थायी मान्यता एक जुलाई 2014 से 30 जून 2017 तक के लिए दी गई थी। मान्यता समाप्त होने के बाद भी कक्षा आठ तक स्कूल संचालित मिला।
सैमफोर्ड स्कूल भाऊपुर के निरीक्षण में कक्षाएं प्री-प्राइमरी से 12 तक संचालित मिलीं। मान्यता से संबंधित अभिलेख नहीं मिले। सुदिति ग्लोबल एकेडमी जैतापुर के निरीक्षण में कक्षा एक से पांच तक की मान्यता मिली। कक्षा छह से 12 तक के मान्यता के अभिलेख नहीं मिले। जबकि स्कूल में करीब 18 सौ बच्चे व 45 वाहनों का संचालन पाया गया। जेपी इंटर नेशनल स्कूल के निरीक्षण में कक्षा एक से आठ तक की कक्षाएं बिना मान्यता के संचालित मिली।
बीएसए ने बताया कि इस स्कूल को वर्ष 2021 से 2023 तक के लिए मार्च तक अस्थायी मान्यता दी गई थी। जो मार्च में समाप्त हो गई थी। मान्यता समाप्त होने के बाद भी स्कूल संचालित किया जा रहा है। श्री शाह प्रभुदयाल पोरवाल माध्यमिक विद्यालय के निरीक्षण में बीएसए को मान्यता के अभिलेख नहीं मिले। यह स्कूल प्री-प्राइमरी से इंटर तक संचालित होता मिला। डॉ. नारायण दास एजूकेशनल एकेडमी के निरीक्षण में कक्षाएं प्री-प्राइमरी से आठ तक संचालित मिली।
बीएसए के अनुसार इस विद्यालय को एक अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2019 तक के लिए शर्तों के मुताबिक अस्थाई मान्यता दी गई थी। जो वर्ष 2019 में समाप्त हो गई थी। इसके बाद भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित होता पाया गया।

इन बिंदुओं पर मांगा गया जवाब
- पंजीकृत छात्र पंजिका
-अध्यापक पंजिका एवं शिक्षकों की योग्यता प्रमाण पत्र
- मान्यता की प्रति
- उपस्थिति छात्र पंजिका
-सोसाइटी रजिस्ट्रेशन की प्रति
-अग्निशमन प्रमाण पत्र, नेशनल बिल्डिंग कोड प्रमाण पत्र

अर्थदंड की दी गई चेतावनी
बीएसए ने स्कूलों को नोटिस जारी करते हुए कड़ी चेतावनी जारी की है। जिसमें बिना मान्यता के संचालित मिले स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने स्कूल का संचालन बंद कर बच्चों का परिषदीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, राजकीय विद्यालयों में प्रवेश कराना सुनिश्चित करें। निर्देश का पालन न करने पर एक लाख रुपये अर्थदंड लगाए जाने की बात कही है।
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स्कूल, किसी भी बोर्ड से पंजीकृत हो उसके लिए प्री-प्राइमरी से कक्षा आठ तक की मान्यता बेसिक शिक्षा विभाग से लेना अनिवार्य है। कई स्कूल जिला प्रशासन को भ्रमित कर अपना धंधा चला रहे है। ऐसे विद्यालयों को तीन अगस्त से निरीक्षण कर चिह्नित किया गया। जिनमें कई की मान्यता नहीं मिली है, तो कुछ में अभिलेख नहीं मिले। इस पर नोटिस जारी किया है। जल्द ही कुछ अन्य विद्यालयों का निरीक्षण कर मान्यता के अभिलेख जांचे जाएंगे। जो स्कूल मानक विहीन संचालित होते पाए जाएंगे उनका जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अनिल कुमार, बीएसए
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