बिधूना। दो पक्षों के बीच झगड़े की सूचना पर पहुंचे दो सिपाहियों की भीड़ ने पिटाई कर दी। इसमें एक सिपाही को गंभीर चोटें आईं हैं जबकि दूसरा सिपाही किसी तरह जान बचाकर भाग निकला। यूं तो पुलिस जनता की मददगार मानी जाती है लेकिन जब सिपाही की जान आफत में आई तो गांव का एक भी व्यक्ति उसे बचाने के लिए नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक जिस वक्त भीड़ सिपाही कमलेश को पीटकर उसकी वर्दी तार-तार कर रही थी, तब वह यही चिल्ला रहा था कि बचाओ, मार डालेंगे... लेकिन किसी ने भी कमलेश की मदद नहीं की।
वीडियो फुटेज देखे जा रहे, बढ़ सकते हैं आरोपी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गांव के ही कुछ लोगों ने घटना का वीडियो भी बनाया है। वह वीडियो पुलिस के हाथ भी लग गया है। बताया जा रहा है कि वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान भी की जा रही है। लिहाजा एफआईआर में अभी और भी नाम बढ़ सकते हैं।
18 माह में दूसरी बार पुलिस पर हमला सहायल के गांव अमानपुर निवासी बृज बिहारी व उसके भाई राम मिलन के बीच करीब छह माह पहले मई में जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। मारपीट की नौबत आने पर परिजन ने घटना की सूचना यूपी 112 पर दी। मौके पर पहुंची पीआरवी के सिपाही धनपाल सिंह व होमगार्ड चंद्रभूषण ने आपस में झगड़ रहे भाइयों को हटाने का प्रयास में एक भाई राम मिलन ने पीआरवी टीम पर ईंट से हमला कर दिया। सिपाही धनपाल सिंह का सिर फट गया। धनपाल सिंह ने थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। होमगार्ड चंद्रभूषण के सिर पर भी ईंट लगी लेकिन वह हेलमेट लगाए होने से बच गए। मामले में पुलिस एक आरोपी को जेल भेज गया था। इसी तरह अयाना में करीब डेढ़ वर्ष पहले थाने में तैनात मुख्य आरक्षी सत्येंद्र यादव पर भी गश्त के दौरान हमला हुआ था।
वर्जन
मामले में आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनमें पांच नामजद और तीन अज्ञात हैं। इसमें से सात को गिरफ्तार कर लिया गया है बाकि की तलाश की जा रही है।
अभिषेक भारती, एसपी