औरैया। यमुना नदी के किनारे बृहस्पतिवार सुबह से ही चीख-पुकार शुरू हो गई। एसडीआरएफ की टीम डॉ. सौरभ बाजपेयी की तलाश कर रही थी और किनारे पर बैठी उनकी पत्नी पूजा एकटक निगाहों से पानी को निहार रही थीं। जैसे ही टीम ने डॉक्टर का शव बाहर निकाला, परिजनों की चीखें गूंज उठीं। पत्नी पति के शव से लिपटकर दहाड़ मारकर रोने लगी।
बिलखती पत्नी पूजा ने इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजह बताई। उन्होंने बताया कि आरोपी सर्वेश सिंह पति से खुद को जीजा बोलने का दबाव बनाता था। कुछ दिन पहले पति ने उसे जीजा न कहकर ड्राइवर बोल दिया था। बस इसी बात से सर्वेश खुन्नस खा गया था। आरोप है कि इसके बाद सर्वेश और उसके साथियों ने उन्हें उनके ही कमरे में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा था। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन का आरोप है कि पीटने के बाद जब डॉ. सौरभ कोतवाली शिकायत करने पहुंचे तो पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया। जान देने से ठीक पहले डॉ. सौरभ ने फेसबुक लाइव आकर कोतवाली के एसएचओ पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था।(संवाद)