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Auraiya News: 26 से ट्रैक पर दौड़ेगी अत्याधुनिक एलएचबी कोचों से युक्त संगम एक्सप्रेस

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संवाद न्यूज एजेंसी
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दिबियापुर। फफूंद रेलवे स्टेशन पर रुकने वाली संगम एक्सप्रेस से आईसीएफ कोच हटाकर अत्याधुनिक एलएचबी कोच लगाए जाएंगे। एलएचबी कोचों से युक्त ट्रेन 26 जुलाई से रेलवे ट्रैक पर दौड़ेगी। नई रैक में एक स्लीपर कोच को हटाकर उसके स्थान पर इकाेनॉमी (एसी) कोच लगाया गया है।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार 14163 अप एवं 14164 डाउन संगम एक्सप्रेस की एक रैक एलएचबी कोच से युक्त थी। जबकि दूसरी रैक आईसीएफ कोच से युक्त थी। रेल प्रशासन ने रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए अब आईसीएफ कोचों वाली ट्रेन की रैक को भी एलएचबी कोचों वाली रैक में तब्दील किया है। एलएचबी कोच युक्त रैक 26 जुलाई से प्रयागराज से चलेगी, जबकि 27 जुलाई से मेरठ सिटी से चलेगी।
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बताया कि अभी तक ट्रेन में एक एसएलआर कोच, एक एसएलआर/डी, चार सामान्य, छह स्लीपर, पांच एसी तृतीय, दो एसी द्वितीय कोच मिलाकर 19 डिब्बे होते थे। अब कोचों की संख्या तो पूर्ववत रहेगी। लेकिन स्लीपर की संख्या छह के स्थान पर पांच हो जाएगी। जबकि एक स्लीपर कोच के स्थान पर इकोनामी कोच (कम किराए में एसी कोच की सुविधा) लगाया जाएगा।
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सुरक्षित और आरामदायक यात्रा के लग रहे एलएचबी कोच

दिबियापुर। भारतीय रेलवे इन दिनों ट्रेनों में अत्याधुनिक एलएचबी कोच लगाने पर जोर दे रहा है। इसके लिए आईसीएफ कोच को ट्रेन से हटाया भी जा रहा है। रेल प्रशासन के अनुसार एलएचबी कोच की वजह से ट्रेनों की स्पीड बढ़ रही है। वहीं सफर सुरक्षित और आरामदायक होता है। बताते हैं कि कोई दुर्घटना होने पर एलएचबी कोच एक दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते और दुर्घटना की भयावहता कम होती है। रेल कर्मियों के अनुसार आईसीएफ कोच चेन्नई की फैक्ट्री में बनते हैं। जबकि एलएचबी कोच जर्मनी की कंपनी के नाम पर है। जिसका पूरा नाम लिंक हाफमैन बुश है। आईसीएफ कोच स्टेनलेस स्टील का बना होता है। इसकी वजह से बहुत भारी होता है। जबकि एलएचबी कोच माइल्ड स्टील से बनता है। यह वजन में हल्का और उपयोगी रहता है। आईसीएफ कोच में एयर ब्रेक का प्रयोग होता है। इस वजह से ब्रेक लगाने पर ट्रेन काफी दूर जाकर रुकती है। जबकि एलएचबी कोच में डिस्क ब्रेक का प्रयोग होता है। ब्रेक लगाने पर कुछ ही दूरी पर ट्रेन रुक जाती है। एलएचबी कोच की खासियत यह भी है कि इसमें सेंट्रल कप्लिंग होती है। इस वजह से दो बोगियों को आपस में जोड़ा जाता है।इसके अलावा कई अन्य खूबियां हैं।
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