औरैया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार ने गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी एक व्यक्ति को सात साल के कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके बाद दोषी को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ग्राम राजा के पुर्वा मौजा पाता थाना फफूंद निवासी सुखवीर सिंह ने फफूंद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि नौ अप्रैल 2006 को दिन के 12 बजे उसके चाचा राधे श्याम यादव रामगढ़ रोड पर नाई हरीमोहन की दुकान पर बाल कटवाने गए थे। इस दौरान राधेश्याम व हरी मोहन नाई में बाल कटवाने को लेकर विवाद हो गया। इस पर हरी मोहन ने राधेश्याम के पेट में कैंची मार दी। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
बाद में इलाज के दौरान चाचा की मृत्यु हो गई। इस मामले में गैर इरादतन हत्या का मामला पुलिस ने दर्ज किया था। विवेचना के बाद विवेचक ने आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी। शुक्रवार को अभियोजन की तरफ से डीजीसी अभिषेक मिश्रा एवं एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा ने कोर्ट से अभियुक्त को कठोर दंड से दंडित करने की मांग की। बचाव पक्ष ने अभियुक्त को गरीब व्यक्ति बताते हुए कम से कम दंड देने की बात कही।
दोनों पक्षों की ंदलीलें सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने नाई हरी मोहन उर्फ मोहन को सात साल के कठोर कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर नाई को एक माह का अतिरिक्त का कारावास उसे भुगतान पड़ेगा। बाद में सजा पाए हरीमोहन को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।