दिबियापुरअछल्दा। रक्षाबंधन के त्योहार पर शुक्रवार को फफूंद और अछल्दा रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती गई। पैसेंजर और मेमू ट्रेनों के आते ही प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
ट्रेनें पहले से ही खचाखच भरी पहुंचीं, जिससे बोगी में चढ़ने व उतरने के दौरान यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान यात्रियों के बीच कहासुनी तक की स्थिति बनी रही। कई ट्रेनें 30 मिनट से लेकर तीन घंटे तक की देरी से पहुंचीं, जिससे यात्री खासे परेशान नजर आए। फफूंद स्टेशन पर कानपुर जाने वाली प्रयागराज स्पेशल समर ट्रेन एक घंटा पांच मिनट लेट हुई।
लखनऊ-आगरा इंटरसिटी एक्सप्रेस आधा घंटा और टूंडला-कानपुर पैसेंजर एक घंटा देरी से पहुंची। नेताजी एक्सप्रेस व महानंदा एक्सप्रेस भी आधा-आधा घंटा लेट रहीं। इटावा जाने वाली दादरी स्पेशल समर एक्सप्रेस पौन घंटा और अवध एक्सप्रेस सवा तीन घंटा देरी से आई। कानपुर सेंट्रल-इटावा पैसेंजर और गोमती एक्सप्रेस भी एक-एक घंटा लेट हुईं।
अछल्दा स्टेशन पर ट्रेनों की लेटलतीफी
अछल्दा स्टेशन पर भी यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने में परेशानी हुई। कानपुर की ओर जाने वाली मेमू ट्रेन 40 मिनट की देरी से पहुंची। मेमू ट्रेन संख्या 64588 करीब एक घंटे की देरी से आई। इटावा की ओर जाने वाली मेमू ट्रेन संख्या 64627, 30 मिनट लेट हुई। मेमू ट्रेन संख्या 64603 भी 50 मिनट की देरी से अछल्दा स्टेशन पहुंची।
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यात्रियों को हुई परेशानी
ट्रेनों में अत्यधिक भीड़ के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्री सीट नहीं मिलने के कारण पूरे सफर के दौरान खड़े रहे। यात्रियों ने फफूंद में स्पेशल ट्रेनों के ठहराव की मांग की। स्टेशन पर भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई। आरपीएफ सिपाही मनोज यादव ने प्लेटफॉर्म पर हो रही धक्का-मुक्की और बहस को शांत कराया।
फोटो-26- अछल्दा में मेमू ट्रेन में चढ़ने-उतरने को लेकर होती बहसबाजी। संवाद
फोटो-26- अछल्दा में मेमू ट्रेन में चढ़ने-उतरने को लेकर होती बहसबाजी। संवाद
फोटो-26- अछल्दा में मेमू ट्रेन में चढ़ने-उतरने को लेकर होती बहसबाजी। संवाद