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लुढ़का पारा, हाय सर्दी, तूने मार डाला

Sun, 11 Jan 2015 11:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
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पठारों की बर्फबारी का कहर उत्तर भारत सहित जिले में पूरी तरह बरपा हुआ है। हालत यह है कि पिछले 72 घंटों में महज चार घंटे ही जनमानस को सूर्य देव की तपिश ठंड से नहीं राहत दिला सकी।
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शीतलहर लोगों के हाड़ कपाने का सबब बन रही है। रविवार को भी औरैया पर बादलों का पहरा रहा। ठंडी हवाओं के चलते दिन भर जनजीवन अस्त-व्यस्त सा रहा। अलाव ही ऐसे में लोगों का सच्चा साथी बना।
 
पिछले तीन दिनों से मौसम की यह बेरुखी लोगों को अब सलाने लगी है। कोहरा और बदरी की चादर पिछले 72 घंटों से सूर्यदेव के आगे तनी हुई है। धूप के लिए लोग तरस रहे हैं।
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ऐसे में हर दिन तेज गति की चल रहीं ठंडी हवाएं लोगों को कंपकपाने पर मजबूर करते हुए उनकी लाइफ लाइन प्रभावित कर रही हैं। अन्य दिनों की तरह रविवार सुबह भी कोहरे के साथ हुई।
 
आसमान में बदरी और सात किमी/घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं ने लोगों की रात की नींद और दिन का सुकून छीन लिया। 4.5 डिग्री न्यूनतम तापमान ने जिले की दैनिक गतिशीलता प्रभावित कर दी।

न तो समय से ट्रेनों का संचालन हो सका और न ही डिपो परिसर से परिवहन निगम का समय सारणी के अनुसार बसों की आमद-रवानगी हो पाई। शहर रोडवेज बस अड्डा परिसर में संचालित  रैन बसेरा भी ठंड से सिकुड़ा नजर आया।
 
आलम यह रहा कभी सवारियां तो कभी वाहनों की कमी देखने को मिली। शाम होने पर एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सर्दी ने जिले को अपने आगोश में समेट लिया। सर्द हवाएं तेजी से चलने लगीं। इससे शाम के आठ बजते ही शहर की सड़कें सूनी नजर आने लगी। हां सरकारी अलावों के चाराें तरफ लोग अपने को गर्माते जरूर दिखे।

शीतलहर के चलते बाजारों में आने वाले इक्का-दुक्का खरीददार गर्म कपड़े ही खरीदते नजर आए। रविवार होने के बावजूद बाजार में सबसे अधिक खरीददारी मफलर, दस्ताने, शाल, स्टोल, मोजे आदि की हुई। मौसम वैज्ञानिक फिलहाल सर्दी से राहत की बात को लेकर सहमति नहीं रखते हैं।
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