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कब होगा आना-जाना, नहीं कोई ठिकाना

Sat, 14 May 2016 11:40 PM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
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1955 में बना संयुक्त टॉयलेट अब हो गा बेकार - फोटो : amar ujala beuro
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अव्यवस्थाओं से जकड़े रोडवेज बस अड्डा यात्री सुविधाओं के नाम पर शून्य है। वहीं बसों के संचालन की समय-सारिणी और मौके पर बसों की रवानगी का समय में भारी अंतर यात्रियों के लिए मुसीबत बना है। ऐसे में रोडवेज बसों से सुगम यात्रा का लोगों का भरोसा टूटता नजर आ रहा है। शनिवार को अमर उजाला ने औरैया डिपो बस अड्डे की हकीकत टटोली तो बसों का संचालन भी दम तोड़ता नजर आया। रोडवेज बस अड्डे से बसों के संचालन को लेकर पड़ताली रिपोर्ट।
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बसों की संख्या - 64
नई बसें - 24
पुरानी बसें - 40
दैनिक यात्री - 2500 से 2600
दैनिक आय    - 6.5 से 7.0 लाख रुपये
दैनिक आय लक्ष्य - आठ लाख रुपये

समय    - सुबह 11.20 बजे     
स्थान    - रोडवेज बस अड्डा परिसर
लोकेशन - बस अड्डे का टाइम रूम
ऐसा है हमारा टाइम रूम
औरैया। संकुचित जगह में संचालित हो शहर के रोडवेज बस अड्डे की पड़ताल में टाइम कीपर रूम भी महज औपचारिकता पूरी करता ही नजर आया। एक टेबिल पर बसों के परिचालन रजिस्टर और माइक रखा हुआ दिखाई दिया। टाइम कीपर रूम में रवानगी के समय माइक से यात्रियों को बसों की सूचना देने के बाद परिचालन रजिस्टर में सूचना दर्ज की जाती देखी गईं।

समय    - सुबह 11.35 बजे     
स्थान    - रोडवेज बस अड्डा परिसर
लोकेशन - बस अड्डे के टाइम रूम परिसर
जगह की कमी, समय सारिणी थमी
औरैया। पूछताछ केंद्र खिड़की के ठीक ऊपर बस अड्डा प्रशासन की ओर से बसों के परिचालन की समय सारिणी और किराए सूची की होर्डिंग्स लगी है। बताया गया कि यह होर्डिंग्स आठ माह पहले बस अड्डा प्रशासन की ओर से लगवाई गईं हैं। सूची में बस अड्डे से अन्य बस स्टेशनों की दूरी के अलावा बसों के संचालन के समय सारिणी की सूची में 64 के स्थान पर 39 बसों के परिचालन समय को दर्शाया गया है। स्टेशन इंचार्ज अशोक यादव की मानें तो कम जगह में संचालित हो रहे बस अड्डा परिसर में होर्डिंग्स लगाने का सुरक्षित स्थान नहीं हैं। बंदर होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचाते रहे हैं।
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ऐसा है रोडवेज बस अड्डे का सफरनामा
शहर के सुभाष चौक चौराहे के पास स्थित शहर के रोडवेज बस अड्डे से परिवहन निगम की बसों का संचालन साल 1955 में शुरू किया गया था। तत्कालीन समय में कम आबादी को देखते हुए बस अड्डा परिसर में बेहतर संसाधन और यात्री सुविधाए भी विकसित की गई थीं। एक तरह उधारी की जमीन पर (जमीन का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है) संचालित हो रहे रोडवेज बस अड्डे से शहर व ग्रामीण क्षेत्र की लगभग 4.5 लाख आबादी को बेहतर सुविधा देने में जगह की कमी बड़ी रुकावट के रूप में देखी जा रही है।

रोडवेज बस अड्डे में यात्री सुविधा विकसित करने में जगह की समस्या के हल के जिला प्रशासन से मुख्यालय स्तर पर पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया गया है। पिछले दिनों जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में भूमि उपलब्धता को डीएम के संज्ञान में लाया जा चुका है। ऊपर से पहल पर उम्मीद टिकी हुई है।
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                  हेमंत कुमार मिश्रा
                एआरएम, औरैया डिपो
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