ग्राम पंचायत चुनाव की 13 दिसंबर को होने वाली मतगणना को लेकर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में निर्वाचन अधिकारियों और नामित सहायक निर्वाचन अधिकारियों को मतगणना का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें आरओ-एआरओ को वोटों की कराने के दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी गई है।
प्रशिक्षण में मौजूद ग्राम पंचायत चुनाव के सभी आरओ-एआरओ से उप जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने जिम्मेदारी निष्ठापूर्वक निभाने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारी मतगणना की बारीकियों की गंभीरता से समझें। आरोप-प्रत्यारोपों से बचते हुए निष्पक्ष रूप से इस कार्य को अंजाम तक ले जाएं। एडीएम ने आरओ-एआरओ को मतगणना के दिन स्ट्रांग रूम से मतपेटिकाएं गणना टेबिल तक पहुंचाने की प्रक्रिया को दावेदार अथवा उनकी ओर से नामित चुनाव प्रभारी के समक्ष कराने को निर्देशित किया।
उन्होंने ग्राम पंचायतवार मतगणना के दौरान वैध-अवैध मतों का विवरण अलग रजिस्टर में दर्ज कराने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण में एडीएम ने कहा कि एक ग्राम पंचायत में डाले गए वोटों की गिनती कार्य पूरा हो जाने के बाद नतीजा घोषित करने के साथ ही निर्वाचन अधिकारी विजयी प्रत्याशी को गणना स्थल पर ही तत्काल प्रमाण-पत्र प्रदान करेंगे।
उन्होंने बताया कि दावेदारों के पोलिंग एजेंटों की ओर से काउंटिंग में लिखित आपत्ति दर्ज कराने पर ही संबंधित मतपेटिकाओं के वोटों की रिकाउंटिंग के विकल्प का प्रयोग किया जाए। एडीएम ने कहा कि मतगणना स्थल पर भारी सुरक्षा के प्रबंध रहेंगे, इसलिए मतगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य को बिना भय के कराएं।
प्रशिक्षण में अवर अभियंता आरइएस जय सिंह व डीसी मनरेगा अनिल कुमार ने भी मतगणना संबंधी आयोग के नियमावली की विस्तार से जानकारी दी।