सूबे की सियासत अब जातिवाद की राजनीति से ऊपर उठ गई है। भेदभाव और गरीबी प्रदेश की विकराल समस्या है।
उक्त उद्गार प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं अखिल भारतीय ब्राहमण महासभा के राष्ट्रीय संरक्षक नारायण दत्त तिवारी ने रविवार को जनता इंटर कालेज में अखिल भारतीय ब्राहमण महासभा के प्रथम मंडलीय सम्मेलन व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि आरक्षण कानून से देश की युवा पीढ़ी परेशान है और अब एकजुटता दिखाने का वक्त आ गया है। जगदंबिका पाल ने कहा कि ब्राहमण समाज संकल्पित है तथा ब्राहमण जाति नहीं विचार के लिए जाने जाते हैं और ये देश का मार्गदर्शन करने का कार्य करते हैं
पूर्व मुख्यमंत्री पुत्र रोहित शेेखर तिवारी ने कहा कि देश में आरक्षण का फायदा उन लोगों को भी मिल रहा है, जिनके पिता डीएम व एसपी हैं और उनको यह लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिनको इसकी जरूरत है।
सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि आरक्षण रूपी रस्सी आज की युवा पीढ़ी के लिए फांसी साबित हो रही है। वहीं उन्होंने भोजपुरी में एक गाने के माध्यम से भी लोगों को आरक्षण की कशिश का अहसास कराया ।
प्रदेश अध्यक्ष अंजनी त्रिपाठी ने कहा कि देश में आरक्षण गरीबी के आधार पर मिलना चाहिए। गरीब व्यक्ति ही आरक्षण का असली हकदार है।
सम्मेलन को मुकेश त्यागी, जिलाध्यक्ष श्याम मुरारी तिवारी, गायक सुजीत कुमार ओझा, कन्नौज जिलाध्यक्ष शैलू मिश्रा, विशंभर नाथ तिवारी, संन्तोष त्रिपाठी आदि ने संबेाधित किया।
इससे पूर्व कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व मुख्य संरक्षक नारायण दत्त तिवारी, सॉसद जगदम्बिका पाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र नाथ त्रिपाठी, रोहित शेखर तिवारी, परमानन्द जी महाराज का प्रदेश अध्यक्ष अंजनी त्रिपाठी व महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष मेधा त्रिपाठी ने 51 किलो की माला पहनाकर स्वागत किया।
वहीं सभी अतिथियाें को प्रतीक चिन्ह व एक गदा भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर अवध नरेश दुबे, ददा दुबे, पप्पू तिवारी, अवनीष त्रिपाठी, अखिलेश चतुर्वेदी, रोहित मिश्रा, सुधीर दुबे, विमल किशोर दुबे, अनुरुद्ध त्रिपाठी, प्रवीन पाठक, आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे ।