विद्युत विभाग से शहर में घर-घर लगाए जा रहे विद्युत मीटरों की गुणवत्ता व अवैध वसूली के खिलाफ राजस्व अधिवक्ताओं ने तहसील में प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने मीटर रीडरों के माध्यम से पनप रहे दलालों पर सवाल खड़े किए हैं। आक्रोशित वकीलों ने जल्द बैठक कर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करने का निर्णय लिया है।
शनिवार को तहसील में राजस्व अधिवक्ताओं ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। वरिष्ठ राजस्व अधिवक्ता सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि विद्युत विभाग की भ्रष्ट व्यवस्था के कारण अधिवक्ता, पत्रकार, साहित्यकार, व्यापारी व नगर के अन्य उपभोक्ता शोषित हैं।
घर-घर अभियान चलाकर लगाए जा रहे मीटरों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कहा कि तेज भागने वाले यह मीटर दिल्ली से हटाए गए हैं, जबकि विद्युत विभाग ने इन्हीं मानक विहीन मीटरों को औरैया शहर में लगवाकर उपभोक्ताओं के साथ विश्वासघात किया है।
उन्होंने त्रस्त उपभोक्ताओं से कहा कि सभी एकजुट होकर उच्च न्यायालय में औरैया जिले की जनहित याचिका दाखिल करने में सहयोग करें।
विष्णु तिवारी एडवोकेट ने कहा कि उपभोक्ताओं के घरों के बाहर जो विद्युत मीटर लगाए गए हैं, उनकी विश्वसनीयता पर संदेह है। इसकी जांच कराया जाना अति आवश्यक है। विद्युत अधिकारियों की मिलीभगत से विभाग में लगे चंद लोग पैसे बटोरने में लगे हुए हैं।
उन्होंने विद्युत विभाग के खिलाफ शुरू हुए आंदोलन में लोगों से समुचित सहयोग देने की अपील की। प्रदर्शन में राजस्व अधिवक्ता प्रमोद कुमार तिवारी, रामकुमार शुक्ला, बाबू सिंह तोमर, श्रीप्रकाश शर्मा, ज्ञानेंद्र मोहन तिवारी, विशुन चौधरी, जयनारायण शुक्ला, देवेश चतुर्वेदी, अरुण सक्सेना आदि शामिल रहे।