दिबियापुर (औरैया)। रेलवे स्टेशन फफूंद पर मार्च में महाप्रबंधक के निरीक्षण से पहले तैयार हुआ रिटायरिंग रूम (शयन गृह) की सुविधा आम यात्रियों को अभी तक नहीं मिल पा रही है। रात की ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को रिटायरिंग रूम की कमी खलती है।
इटावा और कानपुर रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित फफूंद में आदर्श एवं ए क्लास रेलवे स्टेशन है। मार्च में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक के निरीक्षण के मद्देनजर यहां पर जोरदार तैयारियां हुईं थीं। इन्हीं तैयारियों में रेलवे स्टेशन फफूंद के प्लेटफार्म संख्या एक पर डबल बेड रिटायरिंग रूम तैयार हुआ था। ऐसे यात्री जिन्हें देर रात में ट्रेन पकड़नी होती है। उनके लिए रिटायरिंग रूम की सुविधा सबसे अधिक मुफीद साबित होती है।
रात के वक्त रूम में पड़े बेडों पर आराम कर सकते हैं और ट्रेन का समय होने पर आराम से ट्रेन भी पकड़ सकते हैं। लेकिन बनकर तैयार होने के पांच माह बाद भी रिटायरिंग रूम की सुविधा आम यात्रियों को नहीं मिल पा रही है। रेलवे स्टेशन फफूंद के कर्मियों के अनुसार, अभी तक उपकरण न आने से सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। जैसे ही उपकरण आते हैं सुविधा शुरू हो जाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार रेलवे स्टेशन पर रिटायरिंग रूम की सुविधा रेल यात्री कम से एक घंटे एवं अधिकतम 48 घंटे के लिए ले सकते हैं।
सबसे अधिक सुविधा रात की ट्रेनों के यात्रियों को
रिटायरिंग रूम सुविधा शुरू होने का लाभ फफूंद रेलवे स्टेशन पर रात में रुकने वाली ट्रेनों के यात्रियों को सबसे अधिक मिलेगा। फफूंद रेलवे स्टेशन पर रात के वक्त अवध एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस, संगम एक्सप्रेस ट्रेनें रुकतीं हैं। इन ट्रेनों से जिले के साथ-साथ आसपास जिलों उरई एवं कन्नौज के भी यात्री अपनी यात्रा शुरू करते हैं। ऐसा इसलिए है, क्योंकि फफूंद रेलवे स्टेशन दिल्ली हावड़ा मुख्य रेल मार्ग का प्रमुख रेलवे स्टेशन है।
31 जुलाई से आनलाइन बुकिंग हो चुकी शुरू
फफूंद रेलवे स्टेशन पर रिटायरिंग रूम की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट से 31 जुलाई से शुरू हो गई है। ऑफलाइन बुकिंग के लिए प्रक्रिया चल रही है। फफूंद रेलवे स्टेशन पर कुछ सिस्टम उपलब्ध कराए जाने हैं, सिस्टम पहुंचते ही सुविधा ऑफलाइन भी मिलने लगेगी। -अमित सिंह, पीआरओ उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज।