बाजरा के खेत में उगी घास व भरा पानी। संवाद
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औरैया। जिले में रविवार को झमाझम बारिश से धान की फसल को फायदा हुआ। रुक-रुक कर हो रही बारिश से इस बार बाजरा की बुआई प्रभावित होने से किसान परेशान हैं। जिले में अभी तक बमुश्किल 30 फीसदी ही बाजरे की बुआई का काम पूरा हो सका है।
जिले में जून और आधा जुलाई में मानसून की बारिश नहीं होने से धान और बाजरा की बुआई का काम प्रभावित हुआ। इसके बाद बारिश शुरू हुई तो धान की बुआई का काम तो शुरू हो गया। जिले में इस बार 48742 हेक्टेयर में धान की फसल बुआई का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें करीब 34119 हेक्टेयर में धान की बुआई हो चुकी है। जबकि 33205 हेक्टेयर में बाजरा की बुआई का लक्ष्य रखा गया है।
जिसमें अभी तक 30 फीसदी बाजरे की बुआई हुई है। जिससे किसान परेशान हैं। सदर ब्लॉक के गांव रौतियापुर के किसान मान सिंह का कहना है कि पहले सूखा और बाद में लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश से बाजरा की बुआई के लिए किसानों का समय नहीं मिल पा रहा है। बाजरा की बुआई का समय भी निकल रहा है।
आनेपुर के किसान जितेंद्र कुमार का कहना है कि बारिश के चलते खेतों में घास खड़ी हो गई है। केवल धान के किसानों को ही इस बारिश से फायदा हो रहा है। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि यह बारिश धान के लिए किसानों के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश से बाजरा की बुआई का काम प्रभावित हो रहा है। इससे बाजरा की बुआई का काम भी पिछड़ रहा है।
बारिश के बाद धान की फसल में भरा पानी। संवाद- फोटो : AURAIYA