औरैया। यातायात माह के जागरूकता अभियान और कार्रवाई के सहारे जिम्मेदार अपनी पीठ थपथपा रहे हैं। वहीं, जिले में इस वर्ष हुए हादसे उन्हें आईना दिखाने का काम कर रहे हैं। वर्ष 2025 के 11 माह में ही सड़क दुर्घटनाओं और उनमें मरने वालों की संख्या ने बीते वर्ष का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वहीं, अभी पूरा महीना बाकी है।
इस वर्ष नवंबर तक जनपद के में अलग-अलग सड़कों पर कुल 450 हादसे हुए। इसमें 184 लोगों की जान चली गई। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक का सुरक्षाकर्मी भी शामिल था। इसके अलावा 373 लोग हादसों में घायल भी हुए। वहीं, पिछले वर्ष 422 हादसों में 176 लोगों की मौत और 343 लोग घायल हुए थे। ऐसे में साफ है कि कार्रवाई और पुलिस की जागरूकता दोनों ही हादसे रोकने में नाकाम साबित हो रहीं हैं।
पुलिस के अनुसार 6749 वहनों पर 89.31 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके बाद भी सड़क पर चलने के दौरान लोग नियमों का तोड़ने में चूकते नहीं हैं। सवाल यह है कि शासन के सख्त निर्देशों और विभागीय कार्रवाई के बाद भी मार्ग दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या कम नहीं हो रही है। लोग तो नियमों को तोड़कर अपनी जान जोखिम में डाल ही रहे हैं, लेकिन जिन पर नियमों के पालन कराने का जिम्मा है, वह भी इस पर खास ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सड़क सुरक्षा के लिए तैनात किए जाने वाले पुलिसकर्मी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ध्यान नहीं देते। उनके सामने सुभाष चौक पर ऑटो, रिक्शा चालक के अलावा रोडवेज बसें खड़ीं होने से हर दिन जाम लगता है। इसके बाद भी वे कोई कदम नहीं उठाते। वहीं बाइकसवार बिना हेलमेट के उनके सामने से गुजरते रहते हैं। इतना ही नहीं इस भीड़ भरे इलाके में भी लोग मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाते दिखाई देते हैं, लेकिन उन्हें नहीं टोका जाता है।
पांच साल के आंकड़े
वर्ष हादसों की संख्या मौत की संख्या घायल
2021 455 198 363
2022 415 192 320
2023 469 215 380
2024 422 176 343
2025 450 184 373
वर्जन
सभी वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। सड़क सुरक्षा की अनदेखी करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।
-मनोज गंगवार, सीओ ट्रैफिक