औरैया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह, उनकी पत्नी व मुनीम पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह कार्रवाई दीपू सिंह की राइस मिल में सरकारी बोरियों में चावल मिलने के मामले में की गई है। कोतवाल से अभद्रता व जाति विशेष पर टिप्पणी के मामले में अभी पांच दिन पहले ही उन्हें व उनके पुत्र जिला पंचायत सदस्य कर्मवीर को जमानत मिली थी। इस मुकदमे के बाद एक बार फिर उनके सलाखों के पीछे जाने की संभावना दिख रही है।
पूर्ति निरीक्षक संतोष कुमार की तहरीर पर सोमवार शाम सदर कोतवाली में दिलीप उर्फ दीपू सिंह, उनकी पत्नी रंजिता सिंह व मुनीम राजकुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। दो फरवरी को दीपू सिंह की पीएस राइस मिल पर छापा मारा गया था। जहां भारी मात्रा में सरकारी बोरियों में चावल भरा मिला था। इसमें जिला प्रशासन की ओर से पूरे प्रकरण की जांच कराई गई थी।
साथ ही संबंधित को नोटिस जारी करते हुए बरामद सार्वजनिक खाद्य सामग्री के बारे में जवाब मांगा गया था। जवाब संतोषजनक न मिलने पर पूर्ति निरीक्षक की ओर से चार फरवरी को कोतवाली में तहरीर दी गई थी। इसमें कुछ तथ्यों पर जांच शेष रहने के चलते रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी।
अब जांच पूरी होने पर सोमवार शाम को कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार तीनों नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पूर्ति निरीक्षक की ओर से दिलीप उर्फ दीपू सिंह निवासी सत्तेश्वर तिलक नगर, उनकी पत्नी रंजिता कुशवाहा के अलावा मुनीम राजकुमार निवासी आर्य नगर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
यह है प्रकरण
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिलीप उर्फ दीपू सिंह व उनके पुत्र जिला पंचायत सदस्य कर्मवीर ने तत्कालीन सदर कोतवाल संतोष अवस्थी के साथ कोतवाली परिसर में अभद्रता की थी। साथ ही एक विशेष जाति के खिलाफ टिप्पणी की थी।
इसमें पुलिस ने इन दोनों के साथ ही सनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। जिसमें पुलिस ने एक फरवरी को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व उनके पुत्र को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिसमें 17 दिन तक जेल में रहने के बाद 17 फरवरी को सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा की कोर्ट से जमानत मंजूर हुई थी।