दिबियापुर (औरैया)। दस साल पहले उमरी मौजा में जमीन का फर्जीवाड़ा कर भूमाफिया ने कई लोगों को ग्राम सभा की जमीन पर प्लॉट बेच दिए।
मार्च माह में मिशन समाधान के तहत बुलडोजर चलाकर जमीन खाली कराई गई। तब जाकर लोगों को गलत जमीन पर प्लॉट मिलने के फर्जीवाड़े की जानकारी हुई।
मामले में दो महिलाओं ने चार दिन पहले एएसपी को शिकायती पत्र दिया है। इसे लेकर 20 मई को दिबियापुर थाने में चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दिबियापुर कस्बे के आजाद नगर निवासी प्रतिमा शुक्ला ने बताया कि उमरी मौजा की गाटा संख्या 2462 में उन्होंने साल 2013 में एक प्लॉट खरीदा था। साढ़े पांच लाख रुपये में उमरी निवासी राजाराम से बैनामा कराया था।
वहीं रीता देवी ने बताया कि उन्होंने भी यहीं एक प्लॉट कमलेश कुमारी पत्नी अवनेश कुमार से 13 लाख रुपये में साल 2016 में प्लॉट खरीदा था। इससे पहले कमलेश कुमारी ने भी राजाराम से ही वह प्लॉट खरीदा था।
महिलाओं का आरोप है कि राजाराम ने ही धोखाधड़ी कर दोनों को गाटा संख्या 2462 बताकर गाटा संख्या 2460 की ग्राम सभा की जमीन पर कब्जा दे दिया। मार्च माह में जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलवाते हुए ग्राम सभा की जमीन से अवैध कब्जे हटवा दिए।
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि तब जाकर उन्हें पता चला कि उन्हें दूसरी जमीन दिखाकर फर्जीवाड़े के तहत ग्राम सभा की जमीन पर प्लॉट दे दिया गया है। आरोप है कि इस पूरे मामले में भूमाफिया सुरेश बाबू, राजाराम, रामबाबू व ओमप्रकाश ने धोखाधड़ी की है। पीड़ितों को गाटा संख्या 2462 में प्लॉट दिलाए जाने की मांग की है।
दिबियापुर थानाध्यक्ष मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि एएसपी के आदेश पर पीड़ित महिलाओं की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में विवेचना की जा रही है।