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Auraiya News: रिमांड खारिज, फिर भी रिहाई नहीं, सड़क पर उतरे अधिवक्ता, लगा जाम

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बिधूना। सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने सोमवार सुबह करीब 10 बजे तहसील के पास बिधूना-एरवाकटरा मार्ग पर जाम लगा दिया। आरोप था कि उनके साथी अधिवक्ता रोहिताश सिंह को पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से रिमांड निरस्त होने के बाद भी पुलिस ने उन्हें समय से रिहा नहीं किया और जेल भेजने का दबाव बनाया। इससे आक्रोशित अधिवक्ताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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अधिवक्ता देवेंद्र कुमार ने बताया कि रोहिताश सिंह के खिलाफ एक महिला की ओर से कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। रविवार को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अधिवक्ताओं ने उनकी ओर से जमानत अर्जी दाखिल की। न्यायालय ने रिमांड निरस्त करते हुए जमानत की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। आरोप है कि अदालत के आदेश के बावजूद पुलिस ने रिहा करने के बजाय उन्हें जेल भेजने की कोशिश की। इसको लेकर पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच तीखी कहासुनी हुई।
सोमवार को अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के कारण बिधूना-एरवाकटरा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। बड़े वाहन सड़क पर कतार में खड़े रहे। जाम की सूचना पर पुलिस के साथ अन्य थानों की फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। एसडीएम कमल कुमार सिंह ने तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन तिवारी, सिविल बार के पूर्व अध्यक्ष उपेंद्र कुमार त्रिपाठी, देवेंद्र कुमार, मनमोहन शाक्य समेत अन्य अधिवक्ताओं से वार्ता की। एसडीएम ने बताया कि सीओ बिधूना पी. पुनीत मिश्रा के बाहर होने के कारण मंगलवार को उनके साथ अधिवक्ताओं की वार्ता कराई जाएगी। आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने करीब तीन घंटे बाद जाम खोलने दिया।
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एसोसिएशन ने सिविल जज को सौंपा ज्ञापन
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शाक्य और महामंत्री फिरोज अहमद ने सिविल जज को ज्ञापन सौंपकर पुलिस पर उदासीनता का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित महिला कई लोगों को प्रेमजाल में फंसाकर रुपये ऐंठती है और रुपये मिलने के बाद राजीनामा कर लेती है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि इसी महिला ने उनके साथी को प्रेमजाल में फंसाकर फर्जी तरीके से मुकदमा दर्ज कराया है। अधिवक्ता की मां ने भी महिला के खिलाफ कोतवाली पुलिस और एसपी को तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की थी। पुलिस ने जांच का आश्वासन दिया, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, इससे अधिवक्ताओं में आक्रोश है।
वर्जन:
जुलाई में मुकदमा दर्ज किया गया था। 14 सितंबर को न्यायालय की ओर से गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था। इसी आधार पर आरोपी को पकड़ा गया है। मामले में विवेचना अभी चल रही है। - पी. पुनीत मिश्रा, सीओ बिधूना
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