औरैया। वैसुंधरा में 200 करोड़ रुपये की जमीन हथियाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब जिले में जमीन के फर्जीवाड़ा के कई और मामले सामने आ रहे हैं।
अब गलत गाटा संख्या दर्ज कर प्लॉटों की बिक्री करने का मामला सामने आया है। इसमें एक सैनिक समेत कई लोग फर्जीवाड़ा का शिकार हुए हैं। मामले में सैनिक व एक युवक ने कोतवाली में शिकायती पत्र दिया है। पुलिस मामले की जांच करेगी।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना में तैनात और कबीरपुर गांव निवासी ओमजी शुक्ला ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि ककराही दिबियापुर निवासी प्रतिमा गुप्ता व सौरभ गुप्ता से वर्ष 2018 में समरथपुर में एक प्लॉट का बैनामा कराया था।
उसकी रजिस्ट्री भी कराई थी। छह माह पहले वह प्लॉट पर निर्माण के लिए गए तो उन्हें कार्य कराने से रोक दिया गया है। प्लॉट बेचने वाले सौरभ के कथित चाचा ने कहा कि यह प्लॉट उनका है।
ओमजी ने पुलिस को बताया कि जब उन्होंने प्लॉट बेचने वालों से मामले को बताया वह आनाकानी करने लगे। न तो प्लॉट देने के लिए तैयार हुए न ही पैसे। उधर, मामले की सुनवाई को लेकर मंगलवार को ओमजी व उनके पिता कोतवाली पहुंचे थे, लेकिन दूसरा पक्ष नहीं पहुंचा।
इसी दौरान मुरादगंज निवासी राहुल चतुर्वेदी भी अपना शिकायती पत्र लेकर इंस्पेक्टर के पास पहुंचे। राहुल ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी ज्योति के नाम दिबियापुर ककराही निवासी प्रतिमा गुप्ता से आठ अगस्त-2018 को गाटा संख्या 314-315 में 20 बाई 42 का एक प्लॉट मौजा समरथपुर में खरीदा था। इसकी रजिस्ट्री भी कराई गई थी।
आरोप है कि प्रतिमा गुप्ता ने गाटा संख्या 310 में कब्जा करा दिया। जब वह प्लॉट पर निर्माण कराने पहुंचे तो प्रतिमा के सह खातेदारों ने उसे जमीन अपनी बताकर निर्माण से रोक दिया।
राहुल व ओमजी का आरोप है कि प्रतिमा गाटा संख्या 314-315 में पहले ही सभी प्लॉट बेच चुकी हैं। उसने फर्जीवाड़ा करते हुए उन लोगों को गाटा संख्या 310 में प्लॉट पर कब्जा करा दिया।
कोतवाल राज कुमार सिंह ने बताया कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है। आरोपी को थाने बुलाया गया है। अगर पीड़ितों को पैसे वापस नहीं किए गए तो दोनों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
गलती से लिखी गई दूसरी गाटा संख्या
मामले में आरोपी प्रतिमा गुप्ता के पुत्र सौरभ गुप्ता ने फोन पर बताया कि प्लाॅटों पर गलती से गाटा संख्या दूसरी दर्ज हो गई है। वह इसके बदले में शिकायतकर्ताओं को दूसरी जगह प्लॉट देने के लिए तैयार हैं।