जिला अस्पताल नए भवन में शिफ्ट किए जाने से जिले के लोगों को असुविधाओं का सामना कर पड़ रहा है। आलम यह है कि पुराने अस्पताल में मिलने वाली सुविधाएं भी नए भवन में नहीं मिल पा रही है। हालत यह है कि रविवार को अपनी बहू का प्रसव कराने के लिए एक स्वास्थ्य कर्मी जिला अस्पताल पहुंचा। मरीज की हालत गंभीर होने के बाद भी उसे सैफई रेफर कर दिया गया।
जिला अस्पताल शहर से आठ किलो मीटर दूर चले जाने के बाद शहर के लोगों के हाथ निराशा लगी है। रविवार को स्वास्थ्यकर्मी को भी प्रसव के लिए सैफई तक का सफर तय करना पड़ा। डाक्टरों के आगे हाथ जोड़ने के बाद भी कोई मदद को नहीं आया। जिला अस्पताल में तैनात स्वास्थ्यकर्मी सेवाराम की पुत्रवधू को प्रसव पीड़ा होने के कारण नए जिला अस्पताल ले जाया गया।
नए जिला अस्पताल में उपकरण न होने के कारण उसे सैफई रेफर कर दिया गया। बाद में स्वास्थ्यकर्मी पुत्रवधू की हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण उसे शहर के पुराने जिला अस्पताल ले जाया गया। स्वास्थ्यकर्मी ने पुराने अस्पताल को खोलकर पुत्रवधू का प्रसव कराए जाने की मिन्नतें की। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया और उसे सैफई रेफर कर दिया गया।
इस संबंध में सीएमएस डा. एनके मिश्रा ने कहा कि जिला अस्पताल से मरीज को पहले ही सैफई रेफर कर दिया गया था। पुराने अस्पताल में डाक्टर न होने के कारण उसका इलाज नहीं किया जा सका।