बारिश के बाद खुली नगरपालिका की पोल
कलापुर में दीवार के सहारे त्रिपाल लगाकर रह रहे अग्निपीड़ितों पर फिर संकट आन पड़ा है। कच्ची दीवार गिरने से उसमें तीन बच्चे और एक दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
23 मई को कलापुर में आंधी के दौरान चूल्हे की चिंगारी से लगी भीषण आग में 14 घर जल गए थे। हादसे के बाद सभी पीड़ित खुले आसमान के नीचे आ गए थे। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को तिरपाल सहित अन्य दैनिक जरूरत का सामान मुहैया कराया था। शनिवार को गांव निवासी पीड़ित रामपाल (40) पुत्र मोहर सिंह अपने उजड़ चुके आवास के बाहर कच्ची दीवार पर लगा तिरपाल ठीक कर रहा था। इस दौरान वहां पर रामपाल की पुत्री राखी (5) पुत्र कृष्णा (5) तथा उसके भाई सीताराम की पुत्री अंजलि डेढ़ साल खेल रही थी।
तभी कच्ची दीवार भरभरा कर गिर गई। रामपाल उसके मलबे में दब गया। जबकि बच्चे मामूली रूप से घायल हो गए। हादसा देख आसपास के लोग दौड़ पड़े। मलबे में दबे रामपाल को बाहर निकाला। एंबुलेंस बुलवाकर घायल रामपाल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं मामूली घायल बच्चों को उनके परिजनों गांव में डाक्टरों से उपचार करा दिया। घायल रामपाल ने बताया कि वह दीवार पर लगे तिरपाल के गिर जाने से उसे ठीक करने लगे थे। इसी बीच दीवार गिर पड़ी। बताया कि पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश के कारण दीवार भीग चुकी थी। जिससे हादसा हो गया।