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रजवाहा ओवरफ्लो, 200 बीघा फसल डूबी

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महिलाओं ने खेतों में फसल को बचाने के लिए पानी निकाला। - फोटो : AURAIYA
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बिधूना (औरैया) तहसील क्षेत्र के गांव सूखाताल के पास स्थित कुदरकोट रजबहा रविवार रात ओवरफ्लो हो गया। इससे आसपास के खेतों और गांव में पानी भर गया। 50 किसानों की करीब 200 बीघा फसल डूब गई। ग्रामीणों के घरों में पानी भर गया। सूचना पर लेखपाल ने टीम के साथ नुकसान का आकलन किया है।
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गांव सूखाताल के पास कुदरकोट रजबहा में तीन दिन पहले पानी छोड़ा गया था। रविवार रात रजबहा ओवरफ्लो होने की सूचना मिलते ही किसानों में हड़कंप मच गया। खेतों में खड़ी गेहूं, आलू, सरसों की फसल डूब गई। किसानों के अनुसार लगभग 200 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हुई है। इससे भारी नुकसान होने की आशंका है। सोमवार सुबह कई किसानों ने खेत से पानी निकालने की जुगत शुरू कर दी। गांव के जगदीश, रमेश, नरेश, रामकिशोर, सियाराम, जसंवत के घरों में भी पानी भर गया। रमेश ने बताया कि ये रजबहा गांव तक ही आता है। एसडीएम राशिद खान ने लेखपाल को नुकसान का आकलन करने और पुराह नदी में पानी भेजने के लिए रास्ता बनाने के निर्देश दिए हैं। लेखपाल सचिन यादव ने टीम के साथ गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
इन किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
किसान उदय नारायण, नरेश, मदन बिहारी, रामविलास, श्रीकृष्ण, सुरेश, बलराम, सोबरन, छोटेलाल, छेदालाल, राजराम, जगराम, बालकराम, दीपचंद्र, चंद्रभान, अमर सिंह, बदन सिंह, तुलाराम, रामप्रकाश, रोहित कुमार, गंगाराम,, रामखिलावन, काशीराम, प्रेमचंद्र, हाकिम सिंह, हरगोविंद समेत 50 किसानों की फसलें डूब गईं हैं।
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सफाई के नाम पर हुई खानापूरी
किसान उदय नारायण ने बताया कि रजबहा की पटरी कटी है। कुछ दिन पहले जेसीबी से रजबहा की सफाई के नाम पर खानापूरी की गई थी। अगर पटरी बनी होती और सफाई सही से होती तो फसल बर्बाद न होती।
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किसान रामनरेश ने कहा कि रजबहा का पानी जल्द बंद कराया जाए। पानी भरने से फसलें बर्बाद हो रही हैं। किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
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