फोटो-15 - खेत में खड़ी आलू की फसल। संवाद
औरैया। तेज हवा के साथ शुक्रवार रात हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आलू व सब्जी की खेती करने वाले किसान मौसम की इस स्थिति से चिंतित हैं। चूंकि बारिश के बाद अब उनकी फसलों पर बीमारी का संकट मंडरा रहा है।
खास तौर पर आलू में फंगस लगने की आशंका है। हालांकि इस बारिश ने गेहूं की फसल के लिए अनुकूल माहौल बना दिया है। जिले में बड़े पैमाने पर आलू की फसल किसान तैयार करते हैं। हाल ही में कोहरा व पाला पड़ने की वजह से आलू की फसल में झुलसा रोग का भी संकट देखने को मिला था।
धूप खिलने के बाद फसल कुछ ठीक हुई थी कि शुक्रवार रात हुई बारिश ने फिर से आलू की फसल पर संकट बढ़ा दिया है। मिट्टी में नमी की वजह से फसल में तैयार हो चुके कंद में फंगस फैलने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए किसान अब दवा के छिड़काव की तैयारी बनाने लगे हैं।
उधर, सब्जी की फसलों में तेज हवा व बारिश की नमी ने संकट बढ़ाया है। जलनिकासी के अभाव वाले खेतों में सब्जी की फसल प्रभावित हो रही है। ऐसे में किसान फसल को सुरक्षित करने के लिए शनिवार को जलनिकासी का इंतजाम करते नजर आए। उधर, शनिवार को भी शुक्रवार की तरह आसमान में बादल छाए रहे। बादलों की वजह से तापमान में गिरावट न के बराबर रही।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट ने बताया कि मौसम खुलने के बाद ठंड में इजाफा होगा। कोहरा व पाला पड़ने के आसार हैं। गेहूं के लिए यह मौसम मुफीद रहेगा। वहीं आलू व सब्जी की फसलों में रोग लगने की आशंका है। ऐसे में दवा का छिड़काव जरूरी है।
उत्पादन गिरने का खतरा
आलू की सात बीघा फसल तैयार की है। पहले झुलसा से काफी हद तक फसल में नुकसान हुआ। अब बारिश से फंगस की आशंका है। ऐसे में उत्पादन गिरने का खतरा है।-रमेश चंद्र
बारिश ने नुकसान
सब्जी व आलू की फसल में तेज हवा के साथ हुई बारिश ने नुकसान पहुंचाया है। अब फसल में बीमारी फैलने का भी खतरा है। ऐसे में दवा का छिड़काव करेंगे।-शंकर दयाल