औरैया। जिले के किसानों की आसमान पर छाए बादल और रुक-रुककर हो रही बूंदाबांदी व तेज हवाओं ने मुसीबतें बढ़ा दी हैं। सोमवार को कई इलाकों में बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने से खेतों मे खड़ी सैकड़ो बीघा गेहूं की फसल गिर गई। खेतों में काटकर रखे गए सरसों के बोझ (गट्ठर) भीग गए। किसानों को आलू की मार के बाद अब गेहूं की क्वालिटी खराब होने की चिंता खाए जा रही है।
मौसम विभाग ने 21 मार्च तक बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। जिले में एक लाख एक हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल बुआई की गई है। वर्तमान में खेतों में सरसों की फसल कटी पड़ी है। पिछले तीन दिनों से बेमौसम बारिश का सिलसिला रुक-रुककर जारी है। सोमवार को सुबह से बादल छाए रहे। करीब चार बजे बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं के साथ करीब आधे घंटे तक बारिश होती रही। तेज हवा के साथ बारिश होने से सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल गिर गई। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो फसल गिरने की स्थिति में फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है। राहगीर बारिश बारिश बंद होने का इंतजार करते रहे। सोमवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रहा। 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल रही थी। चिरुहूली के किसान अहसान खां ने बताया कि फसल पकने को है। ऐसे में अभी से प्राकृतिक आपदा आने से अब फसल घर पहुंचना मुश्किल लग रहा है।
वर्जन
बारिश के चलते फसल गिरने से फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। खेतों में काटकर रखी गई सरसों की फसल भीगने से क्वालिटी खराब हो सकती है। किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। 21 मार्च तक तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। कटी फसल को प्लास्टिक से ढक दें। -शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी