औरैया/अजीतमल। चार दिनों से रुक-रुकर हो रही बारिश ने कहर बरपाया है। अजीतमल तहसील के आठ गांव में कच्चे मकान गिर गए। वहीं कई इलाकों की बिजली व्यवस्था भी बेपटरी हो गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले दो दिनों में 154 एमएम के करीब बारिश होने के आसार हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी के मौसम विशेष/कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि इस वर्ष 12 सितंबर तक 654 एमएम बारिश हुई है। जिसमें सबसे ज्यादा बारिश 10 सितंबर को 154 एमएम हुई है। बारिश से धान की फसल को फायदा है। बताया कि पिछले वर्ष बारिश का रिकार्ड 12 सितंबर तकत 401 एमएम दर्ज किया गया था। अभी अगले दो दिन तेज बारिश के आसार हैं।
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तहसीलदार अजीतमल जीतेश वर्मा ने बताया की नुकसान के आंकड़े लेखपालों द्वारा प्राप्त हुए है। जिसमें ग्राम चदनापुर में नारायण, मुड़ैना रूपशाह में दीपक, सौनासी में रामश्री पत्नी रामप्रकाश, मुनुआ पुत्र लल्लू सिंह, कलावती पत्नी रामप्रकाश, बिरूहूनी में मोनिका पत्नी कुलदीप व हैदरपुर में तीन मकान कच्चे गिरे हैं। इसमें कुछ की छत तो कुछ की दीवारें ढही हैं। नुकसान का आंकलन तैयार कर रिपोर्ट जिलाधिकारी व शासन को भेजी जाएगी। इधर अजीतमल कस्बे के मोहल्ला आर्य नगर स्थिति वर्षों पुराना राम जानकी मंदिर की छत बारिश के कारण दरक गई है।
फोटो-9- टूटे तारों एवं खंभों को बदलते बिजली कर्मी। संवाद
तीसरे दिन भी बहाल नहीं हुई हरचंदपुर फीडर से जुड़े गांव की बिजली
दिबियापुर। हरचंदपुर फीडर से संबंधित लगभग 40 गांवों में लगातार तीसरे दिन भी बिजली आपूर्ति नहीं हुई। यहां टूटे बिजली के पोल एवं बिजली के तार मंगलवार को पूरे दिन बदले जाते रहे।
हरचंदपुर फीडर से संबंधित गांवों में रविवार को पूरे दिन बरसात के कारण तो एक आम का पेड़ बिजली के तारों पर गिरने से बिजली आपूर्ति नहीं हो पाई। इसके चलते सोमवार को भी पूरे दिन बिजली आपूर्ति नहीं हुई। मंगलवार को पूरे दिन तार एवं बिजली के पोल बदले जाते रहे। लगातार तीन दिन बिजली न आने से उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी की टंकी से पेयजलापूर्ति नहीं हुई। विद्युत वितरण खंड के अवर अभियंता नरेंद्र गौतम का कहना है कि टूटे तार एवं खंभे बदल लिए गए हैं। देर शाम तक फीडर से संबंधित गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी।