मुख्यमंत्री ने 15 जून तक प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दिए हैं। इसके बाद से विभागों में हड़कंप है। विभागों ने गड्ढा युक्त, नवीनीकरण व विशेष मरम्मत की 246 सड़कों का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी को भेज दिया है।
शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने सड़क निर्माण करने वाले सभी विभागों को गड्ढा युक्त, नवीनीकरण व विशेष मरम्मत वाली सड़कों का ब्यौरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। विभागों में प्रांतीय खंड औरैया, दिबियापुर व मंडी समिति शामिल हैं।
प्रस्ताव में शामिल सड़कों की लंबाई
शासन को भेजे गए प्रस्ताव में स्टेट हाईवे नवीनीकरण के लिए 3 करोड़ 30 लाख, स्टेट हाईवे पैच मरम्मत 5.63 किलोमीटर, लागत 5 लाख के अलावा जिले के प्रमुख मार्ग (एमडीआर) में चार किलोमीटर लंबाई नवीनीकरण की लागत 95.84 लाख, एक किलोमीटर लंबाई नवीनीकरण लागत 187.70 लाख, चार किलोमीटर लंबाई पैच मरम्मत लागत 3.4 लाख शामिल है।
अन्य जिला मार्ग के तहत 60.56 किलोमीटर लंबाई की नवीनीकरण लागत 462.90 लाख, विशेष मरम्मत में 7.70 किलोमीटर लंबाई, लागत 54.94 लाख, 86.20 किलोमीटर पैच वर्क, लागत 59.69 लाख शामिल है। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों में नवीनीकरण के लिए 467.775 किलोमीटर, लागत 3224.284 लाख, विशेष मरम्मत में 143.245 किलोमीटर, लागत 1419.685 लाख व पैच वर्क में 322.273 किलोमीटर, लागत 314.030 लाख रुपये है।
और भी सड़कें हो सकतीं शामिल
पीडब्ल्यूडी की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव के बाद फिर से नए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें जिले की और भी प्रमुख सड़कें शामिल हो सकती हैं। देहात की आठ साल पुरानी, अदर डिस्ट्रिक रोड में पांच साल पुरानी, स्टेट हाईवे व मुख्य जिला मार्गों में चार साल पुरानी जर्जर, गड्ढा युक्त, नवीनीकरण व विशेष मरम्मत की सड़कों को शामिल किया जा सकता है।
पीडब्ल्यूडी एई राम विलास ने बताया कि शासन से मिले निर्देशों के बाद जिले भर की गड्ढा युक्त, विशेष मरम्मत व नवीनीकरण के लिए सड़कों का ब्यौरा तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।