औरैया। दीपावली की खरीदारी करने का शुभ समय आ गया है। ज्योतिषियों व पंडितों ने दीपावली के मुताबिक खरीदारी करने के लिए पुष्य नक्षत्र 18 अक्तूबर को अति उत्तम बताया है। इसे नक्षत्रों का राजा भी माना गया है। इस दिन विशेष से शुरू होने वाली दीपोत्सव की तैयारियों के लिए कारोबारियों ने पूरे उत्साह से तैयारियां कर रखीं हैं। दो साल तक कोविड का दंश झेलने के बाद अब कारोबारियों के अंदर एक नया जोश दिखाई दे रहा है। बाजार की तैयारियों पर आओ डाले एक नजर।
मांग के हिसाब से तैयारियां पूरीं
दीपावली पर इस बार बन रहे पुष्य मुहूर्त पर हर कोई शुभ घड़ी पर वाहन खरीदना चाहता है। इसको लेकर शोरूम पर जमकर खरीदारी हो रही है। ओकाया इलेक्ट्रिक व्हीकल्स शोरूम के मैनेजिंग डायरेक्टर राजकुमार सक्सेना कहते हैं कि एक साल बीता है शोरूम खोले हुए। इलेक्ट्रिक वाहनों की अच्छी मांग आ रही है। इसको लेकर पूरी तैयारियां भी कर रखीं हैं।
हीरे और नगों के अभूषणों की मांग अधिक
शहर के सदर बाजार होमगंज स्थित लौंग बाजार में आभूषण खरीदने को भीड़ जुट रही है। दुकान के मालिक विशाल वर्मा बताते हैं कि इस बार सराफा मार्केट में भी अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है। यह बहुत ही लंबे समय के बाद देखने को मिल रहा है। हर कोई शुभ मुहूर्त पर खरीदारी करना चाहता है। हीरे जैसे नगों के आभूषणों की मांग अधिक है। इसके चलते बहुत से ग्राहकों ने अपनी पसंद के आभूषण बनवाने के लिए आर्डर दे रखे हैं।
अच्छे कारोबार की उम्मीद
पिछले साल कोरोना को लेकर धंधा मंदा रहा। इस बार बाजार में अच्छी रौनक है। खरीदारों की भीड़ है। इससे इस बार अच्छा कारोबार होने की पूरी उम्मीद है। ग्राहकों को उनकी मन पसंद की साड़ियां मिल सकें, इसके लिए पहले से ही तैयारियां कर रखीं थीं। दुकान पर आने वाले ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए कोरोना के नियमों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
22 अक्टूबर को है धनतेरस
ज्योतिषाचार्य आशु अवस्थी ने बताया कि लोगों को जिस संयोग और नक्षत्र का काफी इंतजार है वह धनतेरस के चार दिन पहले मंगलमुखी पुष्य नक्षत्र 18 अक्तूबर की सुबह से शुरू होगा और 19 अक्तूबर की सुबह सात बजकर 25 मिनट तक रहेगा।
इस नक्षत्र में सोना, जमीन, कपड़े समेत आदि सामान खरीदना बेहद शुभ साबित होता है। दिन मंगलवार और पुष्य नक्षत्र खरीदारी के लिए सर्वश्रेष्ठ है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस दिन खरीदी गई वस्तु सुख और समृद्धि को बढ़ाने वाली भी होगी। चार चांद तब लग जाता है, जब प्रवर्धमान आम का योग हो। अत: ऐसे संयोग में खरीदी करने से धन की वृद्धि होती है। वही, इस नक्षत्र में खोई वस्तु प्राप्त होने की उम्मीद रहती है।