जल ही जीवन है, जल की शुद्धता हमें बीमारियों से बचाती है। यह बात वरिष्ठ प्रशिक्षक आरती सिंह ने पेयजल शुद्धता की कार्यशाला में ग्रामीणों की बीच कही। अजीतमल तहसील क्षेत्र के अटसू में पानी की शुद्धता कार्यशाला का तीन दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण को स्वच्छ पानी का उपयोग करना रहा।
क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान बकेवर से आईं वरिष्ठ प्रशिक्षक आरती सिंह ने कहा कि पानी की शुद्धता हमें बीमारियों से बचाती है। हम कैसा पानी पी रहे है, यह सभी को जानना चाहिए। गांवों में पानी की शुद्धता जांचने के लिए मशीनें नहीं होती है। लेकिन हम गांव स्तर पर सरकार की ओर से प्राप्त किट के माध्यम से अपने गांव के पानी की रिपोर्ट तैयार कर सकते है।
जिससे शासन स्तर पर सरकार शुद्ध जल मुहैया कराने का प्रयास करेगी। इसी क्रम मे प्रशिक्षक एनपी सिंह ने बताया कि हमारे शरीर की आधी बीमारियों की जड़ प्रदूषित पानी है। लापरवाही में हम इस प्रदूषित पानी का उपयोग करते रहते है और बीमारी के शिकंजे में जकड़ते चले जाते है।
हमें गहरी बोरिंग अथवा इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी की पीना चाहिये। घरेलू तरीको से हम पानी को शुद्घ कर सकते हैं। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला समापन पर प्रशिक्षण में मौजूद सभी लोगों को जल शुद्धता नापने की किट वितरित की गई। इस मौके पर प्रभारी सीडीपीओ मीरा देवी, उमाकांती, प्रधान जितेंद्र सेंगर, चद्रभान सिंह, जय नारायण तिवारी उपस्थित रहे।