क्षेत्र के चपटा गांव में बन रहा बिजली घर एक दशक बाद भी जनता को हैंडओवर नहीं हो सका है। इसके चलते सालों से 30 गांवों में बिजली व्यवस्था नहीं सुधर पाई है। यहां के वाशिंदे आज भी लो वोल्टेज और आए दिन होने वाले फाल्ट की समस्या से जूझ रहे हैं।
बिजली विभाग के अनुसार क्षेत्र के 30 गांवों में बिजली किल्लत दूर करने के लिए शासन से एक 33 केवीए का बिजली घर निर्माण की अनुमति मांगी गई थी। साल 2006 में शासन से चपटा गांव में बिजली घर के मंजू्री मिल गई थी। निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था ब्राइट लाइट कंपनी को सौंपी गई थी। कंपनी ने चपटा बिजली घर का निर्माण तेजी से शुरू कराया। लेकिन कुछ समय बाद निर्माण इकाई ने हीलाहवाली शुरू कर दी। जिस पर बिजली विभाग ने कभी ध्यान नहीं दिया। हालत यह हैं कि 10 साल बीतने के बाद भी सब स्टेशन का निर्माण पूरा नहीं हो सका। स्थानीय उपभोक्ता अरविंद दुबे, फरीद खां, साकिर खां, अरमिंदर सिंह, विमल राजपूत आदि ग्रामीणों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों से शीघ्र चपटा बिजली घर का निर्माण कार्य पूरा कराए जाने की मांग की है।
इन गांवों पर है बिजली संकट
मुरादगंज। मुरादगंज क्षेत्र में लो वोल्टेज और फाल्ट की समस्या आम हो गई है। 24 घंटे में पांच घंटे ही बिजली मिलना मुश्किल हो रहा है। चपटा में बिजली घर का निर्माण होने से गांव बखरिया, सलैया, पुरवा डौरी, सेंगन पुट्ठा, चपटा, नैबलपुर, ततारपुर, हैदरपुर, अलीपुर, जलूपुर, मिश्रीपुर, ऊं्चा, सहबाजपुर, उद्दमपुर, बेलाझार, बिरुहनी, हर्षा का पुरवा, निगड़ा, फतेहपुर आदि गांवों का बिजली संकट दूर होना था।
निर्माण इकाई की कार्य में लापरवाही के कारण इतने समय पर बिजली घर चपटा का निर्माण अधूरा रहा है। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला दे दिया है। शीघ्र ही काम में तेजी दिखेगी।
पंकज शर्मा- एक्सईएन बिजली