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अभी से फुल होने से लगे शीतगृह

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दर्शन कोल्ड स्टोरेज परिसर में बाहर रखा आलू। - फोटो : AURAIYA
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औरैया। जिले में इस बार आलू का अच्छा उत्पादन हुआ है लेकिन बाजार में सही दाम न मिलने से किसान अभी से शीतगृहों में आलू जमा कर रहे हैं। अधिकतर स्टोर अभी से फुल होने के करीब हैं। शीतगृह संचालक 90 से 95 फीसदी भंडारण होने की बात कह रहे हैं। सरकारी आंकड़ों में अभी तक 70 फीसदी ही भंडारण हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि आलू भंडारण की समस्या का समाधान किया जाएगा।
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पिछले साल आलू का भाव अच्छा मिलने पर इस वर्ष किसानों ने आलू की फसल का क्षेत्रफल बढ़ा दिया था। बीज महंगा होने से फसल की लागत भी बढ़ी। लेकिन अब भाव कम मिलने से लागत भी नहीं निकल रही। ऐसे में किसान आलू भंडारण के लिए शीतगृहों का रुख कर रहे हैं। स्थिति ये है कि कई शीतगृह फुल हो चुके हैं। अब उन्हीं किसानों का आलू रखा जा रहा है, जिन्होंने शीतगृह से बारदाना (बोरा) लिया है। अन्य किसानों की आलू लदी ट्रॉलियां शीतगृह फुल होने की बात कहकर लौटाई जा रही हैं।
जिले में आलू उत्पादन व भंडारण की स्थिति
जिले में कुल 14 शीतगृह हैं। इसमें करीब एक लाख 44 हजार मीट्रिक टन आलू भंडारण की क्षमता है। इस वर्ष 5710 हेक्टेयर भूमि पर आलू पैदा हुआ। मंडी में आलू के भाव 500 से 600 रुपये प्रति क्विंटल हैं। आगे भाव बढ़ने की उम्मीद में किसान शीतगृह में आलू रखना चाह रहे हैं। इस बार भंडारण शुल्क 220 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।
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95 फीसदी भरा कोल्ड स्टोर
दर्शन कोल्ड स्टोरेज के संचालक रवींद्र कुमार द्विवेदी का कहना है कि उनके कोल्ड स्टोर में एक लाख 20 हजार बोरी रखने की क्षमता है। जिसमें करीब 95 हजार बोरी का स्टॉक हो चुका है। उन्हीं किसानों का आलू लिया जा रहा है जिन्हें बारदाना दिया गया है या पुराने ग्राहक हैं।
आलू रखने की मची होड़
श्याम कोल्ड स्टोरेज संचालक राज कुमार दुबे का कहना है कि करीब 75 फीसदी तक कोल्ड स्टोरेज भर चुका है। दस दिन में फुल होने की संभावना है। इस बार आलू का उत्पादन अच्छा होने से कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने को लेकर होड़ मची है।
अपेक्षित दाम नहीं मिल रहे
सदर ब्लॉक के गांव गढ़िया बक्शीराम के किसान प्रकाश नारायण का कहना है कि ढाई बीघा में आलू की पैदावार की है। महंगाई, बीज, खाद और पानी के बाद भी अपेक्षित दाम न मिलने पर कोल्ड स्टोरेज में आलू रखने को मजबूर हैं।
लागत निकालना भी मुश्किल
गांव लछियामऊ के किसान नीतेश का कहना है कि करीब डेढ़ बीघा मेें आलू की फसल की थी। इन दिनों बाजार में आलू के दाम धड़ाम हो गए हैं। लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। कोल्ड स्टोरेज में आलू रखना मजबूरी है।
वर्जन
शीतगृहों में औसतन 75 फीसदी आलू भंडारित हुआ है, जो शीतगृह खाली है उनमें किसान अपना आलू भंडारित करें। कोई दिक्कत होने पर उनसे सीधे संपर्क करें। समस्या का समाधान किया जाएगा। - अनूप चतुर्वेदी, जिला उद्यान अधिकारी
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