औरैया। दशकों से औद्योगिक इकाइयों के लगने के इंतजार में खाली पड़े औद्योगिक क्षेत्र के दिन अब जल्द बहुरेंगे। यहां पर छोटी व मध्यम औद्योगिक इकाइयां लग सकेंगी।
इस सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अपनी भूमिका निभाएगा। अब उद्यमी पूंजी का इंतजाम कर यहां इकाइयां लगा सकेंगे। शासन स्तर से इस योजना के तहत उद्यमी को मिलने वाले ऋण की लिमिट 25 से बढ़ाकर 50 लाख कर दी गई है।
जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए एक दशक पहले औरैया समेत अछल्दा व बिधूना में तीन जगह औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए गए थे। साथ ही साथ ककोर के पास प्लास्टिक सिटी को धरातल पर उतारा गया था।
औरैया शहर के औद्योगिक क्षेत्र को छोड़कर अन्य जगह चुनिंदा इकाइयां ही लग सकी हैं, जबकि प्लास्टिक सिटी में बहुतायत में आवंटित हो चुके प्लॉट खाली पड़े हैं।
उद्यमी पूंजी के इंतजाम में लघु उद्योग से लेकर जिला उद्योग केंद्र की कई योजनाओं पर दांव लगा चुके हैं, लेकिन बड़ी पूंजी के लिए चुनिंदा लोगों को ही मौका मिल सका है। इस सब के बीच शासन स्तर से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम को अपडेट किया गया है। अब इस योजना के तहत उद्यमी 50 लाख तक के ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इस योजना के तहत अभी तक उद्यमी 25 लाख तक की पूंजी जुटा पा रहे थे। एक इकाई के लिए इतनी धनराशि नाकाफी थी। अब इस बढ़ी लिमिट से उद्यमी अपने खाली पड़े क्षेत्र पर इकाई लगाने का सपना साकार कर सकेंगे।
ग्रामीण क्षेत्र में 35 तो शहरी के लिए 25 फीसदी मिलेगा अनुदान
पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत शासन ने नई स्कीम के तहत उद्यमियों को बड़ी राहत दी है। शहरी क्षेत्र में इकाई लगाने पर 25 फीसदी का अनुदान मिलेगा, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में इकाई लगाने पर 35 फीसदी अनुदान का मानक तय किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्र में इकाई लगाने के लिए इस योजना के तहत सेवा क्षेत्र के लिए अभी तक 10 लाख का ऋण स्वीकृत होता था। वहीं अब सेवा क्षेत्र के लिए 20 लाख की लिमिट की गई है। वहीं मैन्युफैक्चरिंग के लिए 25 लाख की लिमिट थी, जिसे बढ़ाकर 50 लाख किया गया है। इस स्वीकृत होने वाले लोन पर अनुदान भी मिलेगा।
124 निवेशकों ने कर लिया था किनारा
दो साल पहले जिले में एमओयू के जरिए निवेश का वादा करने वाले 242 निवेशकों में 124 निवेशक अब सामने नहीं आ रहे हैं। इसके अलावा जिन्होंने हामी भरी, उनमें से भी कुछ ने लिखित रूप से विभाग को चिट्ठी लिखकर निवेश से इन्कार कर दिया है। वहीं, कुछ ने रुपयों का प्रबंध न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया है। अब इस स्कीम के जरिए उद्योग लगाने से किनारा करने वाले कई उद्यमियों के लिए पूंजी जुटाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम की लिमिट 25 लाख से बढ़ाकर 50 लाख कर दी गई है। ऐसे में एक छोटी या मध्यम औद्योगिक इकाई लगाने के लिए उद्यमियों को यह स्कीम काफी मुफीद है। इस स्कीम में शहरी क्षेत्र के लिए 25 तो ग्रामीण क्षेत्र के लिए 35 फीसदी अनुदान की राहत भी दी गई है।
-दुर्गेश कुमार, जीएम, डीआईसी