औरैया। आज से पितृपक्ष की शुरुआत हो रही है। रविवार को ही भाद्रपद पूर्णिमा के साथ ही चंद्र ग्रहण भी होगा। वहीं 21 सितंबर को अमावस्या पर पितृपक्ष का समापन होगा। अंतिम दिन सूर्य ग्रहण भी होगा।
हिंदू संस्कृति में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। इसे श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है। पंडित श्याम बिहारी दुबे के मुताबिक इस बार पितृपक्ष सात सितंबर से शुरू होगा। वहीं इसका समापन 21 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या पर होगा।
पितृपक्ष न सिर्फ पितरों की आत्मा की शांति के लिए किया जाता है, बल्कि पितृ दोष से मुक्ति पाने का उपाय भी है। इस बार पूर्णिमा तिथि पर चंद्र ग्रहण होने के कारण श्राद्ध करने वाले लोगों को सात सितंबर को दोपहर 12:57 बजे से पहले तर्पण कर लेना चाहिए।