तहसील दिवस/मुख्यमंत्री संदर्भित/लोकवाणी आदि से संदर्भित शिकायतों की समीक्षा बैठक के दौरान गैरहाजिर रहे परियोजना निदेशक (डीआरडीए) सहित डीएम ने छह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किए जाने के निर्देश दिए हैं।
डीएम माला श्रीवास्तव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह कार्यालय दिवस में सुबह 10 से 12 बजे तक हरहाल में अपनी सीट पर बैठकर आम जनता की शिकायतें सुने। किसी भी कीमत पर बिना सूचना दिए मुख्यालय न छोड़े। वहीं जनता दर्शन व तहसील दिवसों मुख्यमंत्री से संदर्भित, लोकवाणी केंद्र, कैंप संदर्भित, उच्च न्यायालय के प्रकरण, आयुक्त संदर्भित प्रकरणों को किसी भी सूरत में लंबित न रखें ।बैठक में गैर हाजिर रहे पीडी डीआरडीए अजय प्रकाश, एलडीएम आरके सिन्हा, एआरटीओ अखिलेश कनौजिया, एक्सईन सिंचाई रजनीकांत, एक्सईन पीएमएसवाई व ईओ नगर पालिका आरके शर्मा के अलावा बांट माप निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जबाब तलब किए जाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में एसीएमओ डा. विनोद सागर समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
रिपोर्ट दो, हम करेंगे सस्पेंड-औरैया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों की लेट लतीफी से रोगी ही नहीं स्वयं सीएमओ कार्यालय भी परेशान है। जिला अस्पताल से सीधे तौर पर संबंध न होने के बाद भी आम रोगियों की ओर से की जा रही शिकायतों से खफा सीएमओ का आखिरकार सोमवार को धैर्य जबाव दे गया। सीएमएस को तलब कर सीएमओ ने दो टूक कहा कि आप रिपोर्ट दें देर से आने वाले चिकित्सकों को हम सस्पेंड करेंगे।
चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पताल में डाक्टरों की लेट लतीफी की समस्या बनी हुई है। उनके देरी से आने की आदत रोगियों को भारी पड़ रही है। जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक अस्पताल कैंपस में रहने के बाद भी हर रोज देरी से ओपीडी कार्य कर रहे हैं। निर्धारित समय पर चिकित्सकों के न बैठने से अब आम रोगी के साथ ही सीएमओ कार्यालय भी परेशान है।
सोमवार को ऐसी ही एक शिकायत पर सीएमओ डा. एनकेएस यादव का धैर्य जबाव दे गया। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. नवीनचंद्र मिश्रा को दफ्तर बुलवाया और फिर उन्हें हिदायतें देना शुरु कर दिया। सीएमओ ने सीएमएस को जिला अस्पताल की दिनचर्या सुधार करने का भी सुझाव दिया। कहा कि चिकित्सकों की लेट लतीफी से आप अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं तो रिपोर्ट हमें दो, हम सस्पेंड कर देंगे।