एक्सरे कक्ष के बाहर इंतजार करते मरीज। संवाद
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बिधूना। जिले के सभी अस्पतालों की दशा सुधारने के लिए कई जनप्रतिनिधियों ने उन्हें गोद लिया था, लेकिन धरातल पर अस्पतालों की स्थिति जस की तस है। सीएचसी बिधूना में खामियों का अंबार लगा है। शुक्रवार को एक्स-रे व सीबीसी जांच न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सीएचसी बिधूना को पूर्व विधायक विनय शाक्य ने गोद लिया था। गोद लेने के बाद भी अस्पताल की स्थिति जस की तस बनी हुई है। शुक्रवार को सीएचसी में 207 मरीज इलाज के लिए ओपीडी में पहुंचे। अस्पताल प्रशसन की लापरवाही के चलते एक्स-रे कक्ष के बाहर करीब डेढ़ घंटे तक मरीज इंतजार करते रहे पर एक्स-रे टेक्नीशियन नहीं पहुंचे। जिससे मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
वहीं, सीबीसी मशीन का प्रिंटर खराब होने से मरीजों की सीबीसी जांच भी नहीं हो रही है। मरीजों को 300 से 400 रुपये खर्च कर प्राइवेट पैथोलॉजी पर सीबीसी जांच करानी पड़ रही है। भिखरा सरैया निवासी शिशुपाल ने बताया कि उनके पैर में चोट लग गई थी। ओपीडी में डाक्टरों ने एक्स-रे लिखा था। करीब एक घंटे इंतजार करने के बाद पता चला कि उनका एक्स-रे कल होगा।
बेला क्षेत्र के पुर्वा दूजे निवासी रमाकांत ने बताया कि वे एक्स-रे कराने के लिए डेढ़ घंटे से बैठे है। एक्सरे कक्ष की बिजली चली जाने के बाद टेक्नीशियन कक्ष के बाहर चले गए थे। बिजली आने के एक घंटे बाद भी वह कक्ष में नहीं आए। इस संबंध में सीएमओ अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि एक्स-रे कराने वाले मरीजों को इंतजार करना पड़ा तो गलत हैं। इसकी जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी। सीबीसी मशीन क्यों नहीं चल रही है, इसके बारे में भी पता किया जाएगा।
प्रिंटर खराब होने से बंद पड़ी सीबीसी मशीन। संवाद- फोटो : AURAIYA