औरैया। बारिश के बाद मौसमी बीमारी फैलना शुरू हो गई है। यही कारण है कि सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर ढंग से संचालित हो और अस्पताल आने वाले मरीजों को समय से इलाज मिले, इसके सख्त निर्देश हैं। बावजूद इसके जिले के स्वास्थ्य केंद्रों का बुरा हाल है।
सुबह आठ बजे से खुलने वाले अस्पताल डेढ़ से दो घंटे देरी से खुल रहे हैं। मरीजों को घंटों अस्पताल में खड़े होकर डाक्टरों का इंतजार करना पड़ रहा है। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था बेपटरी नजर आ रही है। शनिवार को कई स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह आठ बजे ताले लटके मिले, सुबह आठ बजे से खुलने वाली ओपीडी में 10 बजे तक डाक्टर व फार्मासिस्ट नहीं पहुंचे।
कुछ मरीजों को घंटों खड़े रहने के बाद इलाज मिला तो कुछ बिना इलाज कराए ही लौट गए। गौतम सिंह निवासी जरयापुर कन्नौज ने बताया कि उन्होंने पत्नी बीना का आपरेशन कराया था। कुछ परेशानी थीं, इससे दिखाने आए थे। करीब आधे घंटे से डाक्टर व स्टाफ के आने का इंतजार कर रहे हैं।
वहीं हिंदूपुर निवासी शांती देवी ने बताया कि उनके शरीर में कुछ दिनों से खुजली हो रही है, अस्पताल दिखाने आई पर डाक्टर नहीं मिले हैं। इसी गांव की सरोजनी देवी ने बताया कि दो वर्षीय पुत्री अनुष्का को बुखार आने पर दिखाने आई हैं। काफी देर से डाक्टर के आने का इंतजार कर रही हैं। अब जिम्मेदार जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि सीएचसी व पीएचसी में डाक्टरों को सुबह आठ बजे से दो बजे तक बैठक कर ओपीडी करने के निर्देश है। यदि अस्पतालों में डाक्टर व स्टाफ देर से पहुंच रहा है तो इसका जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों को समय से इलाज मिले।
देर से खुला अस्पताल, नहीं पहुंचीं डाक्टर
बिधूना का पूर्वा सुजान स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुबह नौ बजे तक नहीं खुला। यहां पर राम सिंह, छोटेलाल दो मरीज खड़े मिले। दोनों ने बताया कि वह सुबह नौ बजे आए थे, शरीर में खुजली की समस्या थी। करीब 10 बजे वार्ड ब्वाय अवनीश ने आकर अस्पताल खोला। इसके बाद 11 बजे के करीब फार्मासिस्ट राजेश कुमार पहुंचे, लेकिन यहां तैनात डाक्टर मीनाक्षी नहीं पहुंची थीं।
इंतजार करते दिखे मरीज
सहार ब्लाक के याकूबपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह 10:15 तक कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। अस्पताल एक नजदीक के युवक ने आकर खोला, जिसने अपना नाम उज्ज्वल बताया। यहां पर कुछ मरीज आए थे, लेकिन उनके हाथ में पुराने पर्चे थे। इसी बीच किसी ने स्वास्थ्य अधिकारियों को जानकारी दे दी। करीब साढ़े 10 बजे डॉ. नवीन अस्पताल पहुंचे, लेकिन फार्मासिस्ट विक्रम सिंह व अन्य स्टाफ नहीं पहुंचा था। सीएचसी अधीक्षक सहार डॉ जितेंद्र सिंह ने बताया कि डॉक्टर के लेट आने की सूचना मिली है। फार्मासिस्ट के अवकाश पर होने की जानकारी दी गई है।
डाक्टर न मिलने पर लौटे मरीज
ऐरवाकटरा स्वास्थ्य केंद्र पर 10 बजे तक डाक्टर, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन समेत अन्य स्टाफ नदारद दिखा। वैसे अस्पताल समय से खुला और वार्ड ब्वाय धर्मेंद्र ही सिर्फ मौजूद थे। यहां पर ऐरवाकटरा निवासी बंटी ने अपनी पत्नी अंजू उर्फ पिंकी को प्रसव के लिए भर्ती कराया था। जांच होनी थी, पर लैब न खुले होने पर परेशान दिखे। इसी तरह देईपुर निवासी संतोष भी चर्मरोग की समस्या लेकर पहुंचे, लेकिन डाक्टर के न होने पर लौट गए।
पुरर्वा सुजान अस्पताल में खाली पड़ा डाक्टर का कक्ष। संवाद- फोटो : AURAIYA
एरवाकटरा में बेटी अनुष्का को दिखाने आई सरोजनी। संवाद- फोटो : AURAIYA
एरवाकटरा अस्पताल में खून जांच के लिए बैठे अंजू व बंटी। संवाद- फोटो : AURAIYA