एरवाकटरा। विकासखंड की ग्राम पंचायत कालाबोझ में पंचायत निधि के खर्च को लेकर सवाल खड़ा हो गया है।
आरोप है कि ग्राम पंचायत के विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर किए गए भुगतान ग्राम प्रधान के पुत्र के बैंक खाते में भेजे गए। पिछले चार वर्षों में करीब साढ़े तीन लाख रुपये के भुगतान सामने आने के बाद ग्राम पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
बताया गया है कि मोहित कुमार नाम के युवक के बैंक खाते में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 45,612 रुपये, वर्ष 2023-24 में 95,437 रुपये, वर्ष 2024-25 में 1,49,860 रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 60,900 रुपये भुगतान के रूप में स्थानांतरित किए गए। इस प्रकार 3,51,809 रुपये खाते में भेजे गए। ग्रामीणों का कहना है कि मोहित कुमार ग्राम प्रधान का पुत्र है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिन कार्यों के लिए भुगतान किया गया। उनमें स्टेशनरी खरीद, हैंडपंप मरम्मत, श्रम व्यय, वर्मी कंपोस्ट, इंटरलॉकिंग निर्माण, पंचायत भवन रखरखाव, नाली निर्माण और फिटिंग कार्य जैसे अलग-अलग मद शामिल हैं। ऐसे में एक ही व्यक्ति के खाते में विभिन्न मदों के भुगतान होने से पूरे मामले पर संदेह गहरा गया है। ग्रामीणों ने अभिलेखों की जांच करने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बीडीओ संजीव कुमार पांडेय ने बताया कि प्रधान के करीबी या उसके परिजन के खाते में पंचायत निधि से भुगतान किया जाना नियम संगत नहीं है। यदि ऐसा कोई मामला सामने आया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में तथ्य सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
वहीं प्रधान कन्हैयालाल ने बताया कि उनके गांव में अनुसूचित जाति की आबादी अधिक है जिन्हें काम के बदले नकद भुगतान करना पड़ता है। यदि नकद भुगतान न किया जाए तो वह काम नहीं करते इसलिए मजबूरी में अपने पुत्र के खाते में पैसा डलवाना पड़ता है।