अटसू। मौसम में ठंडक के साथ ही पचनद में प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो गया है। बाहर से आ रहे तमाम किस्म के इन पक्षियों के कलरव से पचनद की वादियां गूंज उठी है। वन विभाग की माने तो पिछले दो दिनों में अचानक दो हजार से ज्यादा प्रवासी पक्षी यहां आ गए हैं। फरवरी व मार्च तक तीन माह यहां डेरा डालने के बाद ये वापस लौट जाएंगे। इस दरमियां पक्षियों की गूंज सुनने के साथ ही मनमोहक दृश्य देखने के लिए लोग पचनद का रुख करने लगे है। वन विभाग टीम ने इन पक्षियों की मेहमान नवाजी के लिए सजगता बढ़ा दी है। सुबह से लेकर देर रात तक पचनद के इर्द-गिर्द वन विभाग के वाहन से पेट्रोलिंग शुरू कराई गई है।
बर्फीले क्षेत्रों खासकर साईबेरिया के पक्षी प्रवास के लिए हर साल पचनद आते हैं। यहां पर तीन माह तक वह प्रजनन क्रिया करते हैं। यमुना नदी के किनारे झार के उथले पानी के इर्द-गिर्द भारी संख्या में पक्षियों का डेरा प्रकृति के लिए अनूठा माहौल तीन माह के लिए हर साल बनता है। लोग पचनद किनारे से इस मनमोहक दृश्य को देखने के लिए पहुंचते है। वीडियो ग्राफी करते हुए अपने प्रकृति प्रेम को अहसास करते हैं। बर्फीले क्षेत्रों में तापमान ज्यादा गिर जाने से मजबूरन प्रवास करने पचनद आने वाले पक्षी यहां तीन माह तक प्रजनन क्रिया करते। प्रजनन काल का समय बिता फरवरी व मार्च माह में अपने वतन को वापस लौट जाते। इनको रेत के टीले लोभायमान करते हैं। वन्य जीव मित्र आशीष तिवारी ने बताया कि ये विदेशी पक्षी प्रति वर्ष सर्दी के मौसम आकर प्रजनन काल के साथ मस्ती करते हैं। दिनभर पचनद पर कोलाहल होता है। पचनद में साईवेरिया के कजाकिस्तान, तुर्किस्तान, नवाया कलादीप, चीन, वर्मा सहित कई देशों के पक्षी आया करते हैं। गेल, पैलकिन पक्षी दो दिन पूर्व में आए हैं। फ्लेमिंगो, बून बारैफिट, स्टूल बिल, करवोरेंट समेत कई प्रजाति के पक्षी अभी आना शेष है। कुछ पक्षी एवरेस्ट पर्वत से भी आते हैं। वन्य रक्षक रोहित यादव ने बताया कि इस बार तापमान में गिरावट देरी हुई है। पिछले सालों में ये पक्षी अक्टूबर माह में आना शुरू जाते थे। इस बार पिछले दो दिनों में दो हजार से ज्यादा पक्षी आ गए है। फरवरी व मार्च में वापस चले जाएंगे। बर्फीले क्षेत्र के इन पक्षियों को वहां खाने की समस्या हो जाती है। ऐसे में पचनद उनके लिए मुफीद जगह है। रेत पर मस्ती व पास में पीने का पानी समेत खानपान का इंतजाम भी रहता है।
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सुबह-शाम आसमान में आते पक्षियों के झुंड
पचनद का रुख कर रहे प्रवासियों के झुंड आसमान में रोजाना देखे जा रहे है। जमीन के साथ ही इनके मनमोहक दृश्य आसमान भी नजर आते हैं। जंगली मांस भच्छी जानवर इन्हें तंग न करें इसके लिए वन विभाग की ओर से रात में यहां पेट्रोलिंग की जाती। सुरक्षा के लिहाज से बुनियादी इंतजाम भी किए जा रहे है।