ओवरलोड ट्रक करोड़ों की बनी सड़कों को चट कर रहे हैं। लेकिन इन पर अंकुश लगा पाने में पुलिस और एआरटीओ विफल है। सोमवार को जिला मुख्यालय जाते समय डीएम माला श्रीवास्तव ने आधा दर्जन ओवरलोड ट्रक पकड़ लिए। इसके बाद कुछ देर तक हड़कंप रहा और जैसे ही डीएम साहिबा गईं फिर से ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही शुरू हो गई।
औरैया-दिबियापुर मार्ग सुबह से लेकर रात तक सैकड़ों ओवरलोड ट्रक निकल रहे हैं। इन ओवरलोड ट्रकों के कारण जिला मुख्यालय की सड़क खस्ताहाल हो गई है। लाखों रुपये खर्च करके पीडब्लूडी विभाग ने सड़क पर पैचवर्क कराया था। लेकिन कुछ महीने में ही सड़क की हालत खराब हो जाती है। कारण क्षमता से अधिक लोड वाले ट्रकों की आवाजाही। एआरटीओ से लेकर पुलिस तक इन ट्रकों के आवागमन को रोक पाने में अक्षम है।
रात के समय निकला भी मुश्किल
औरैया-दिबियापुर मार्ग पर रात के समय किसी भी अफसर की नजर नही पड़ती। रात में ओवरलोड ट्रक लाइन लगाकर निकलते हैं। आठ बजे से ओवरलोड ट्रकों का रेला निकलने लगता है। ऐसे में अन्य वाहनों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। एआरटीओ और पुलिस को जब दिन में ही फुर्सत नही तो रात में कैसे ओवरलोडिंग रोकें।
कंचौसी मोड़ पर सड़क घेरे रहते हैं ट्रक
ककोर जिला मुख्यालय से लेकर कंचौसी मोड़ के आगे तक ट्रकों की लाइन सड़कों पर ही खड़ी मिल जाएगी। किसी-किसी जगह यह ट्रक सड़क के दोनों ओर खड़े रहते हैं। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। मगर कार्रवाई न होने से ट्रकों का संचालन निरंकुश हो गया है।
चेचिस बढ़ाकर हो रही ओवरलोडिंग
कई ट्रकों की मानक से अधिक चेचिस बढ़ी है। जबकि एआरटीओ की टीम ऊंचाई में अधिक भरे होने को ही ओवरलोड मानती है। जिससे ट्रक पर लदा गिट्टी या मौरम ऊंचाई के जगह लम्बाई के अनुसार ओवरलोड होता है। अभी तक एआरटीओ ने ऐसे किसी वाहन पर कोई कार्रवाई नही की। एआरटीओ की लापरवाही से जिले में जमकर ओवरलोडिंग हो रही है।
एआरटीओ को अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ प्वांइटों पर छापामार कार्रवाई की जाएगी। मैं खुद भी अभियान की प्रगति देखूंगी।
माला श्रीवास्तव, डीएम