औरैया। न्यूनतम तापमान 3 डिग्री पर ठिठक गया है। कड़ाके की ठंड से शहर से गांव तक लोग बेहाल हैं। किसानों पर तो दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ मवेशियों से फसलों को बचाने के लिए रातभर जागकर खेतों की रखवाली दूसरी ओर कोहरे और पाले सेे सरसों, आलू और मटर की फसलों को नुकसान की आशंका से किसानों के चेहरे की हवाइयां उड़ीं हैं।
भीषण ठंड में रखवाली करते वक्त अब तब एक किसान की मौत हो गई है, जबकि कई किसान बीमार पड़ चुके हैं। किसानों के अनुसार जरा सी झपकी लगने पर मवेशियों का झुंड कुछ ही देर में फसल को चट कर जाते हैं। ठंड के चलते रखवाली नहीं की तो कर्ज का बोझ बढ़ने पर परिवार चलाने में कमर टूट जाएगी।
बिधूना के बल्लपुर निवासी किसान रमेश चंद्र तिवारी शुक्रवार रात को गेहूं फसल की रखवाली व स्वयं की गोशाला में बंद मवेशियों की रखवाली के लिए गए थे। जहां ठंड की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। इसी के साथ जिले के कई किसान ठंड की चपेट में आकर बीमार भी पड़ गए हैं।
दूसरी ओर लगातार पड़ रहे कोहरे और पाले से बढ़ी आलू, मटर और सरसों की फसल को नुक्सान की संभावना के चलते किसानों के
चेहरे की हवाइयां उड़ीं नजर आ रहीं हैं। छोटे किसानों का कहना है कि उन्होंने ब्याज पर रुपये लेकर फसलों की बुआई की है। यदि ठंड को देखकर घर पर बैठ गए तो वे कर्ज के भार तले दब जाएंगे। ऐसे में परिवार चलाने और बच्चों को पढ़ाने में उनकी कमर टूट जाएगी।
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सभी ब्लाकों के खंड विकास अधिकारियों व नगर निकाय के अधिशासी अधिकारियों को सड़कों व खेतों में घूम रहे अन्ना मवेशियों को पास की गोशालाओं में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जन सहभागिता भी अपेक्षित है। यदि कहीं अन्ना मवेशियों की समस्या अधिक है तो अधिकारियों को अवगत कराएं समस्या का निदान कराया जाएगा। - अनिल कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
औरैया। रविवार को कुछ देर के लिए धूप ने आंचल फैलाया तो लोग घरों से निकल कर राहत महसूस करते नजर आए। शाम से पहले ही कोहरा और गलन के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा। लोग घरों में अलाव और रूम हीटर का सहारा लिए रहे। मौसम विभाग के अनुसार अभी कड़ाके की ठंड बनी रहेगी।
रविवार को सर्दी का सितम जारी रहा। शनिवार की तरह रविवार को भी न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को कोहरा इतना घना था कि सड़कों पर वाहनों के पहिए थम गए। राज्यमार्ग-19 हो या बिलराया पनवाड़ी राज्यमार्ग, सभी जगह ट्रक और अन्य वाहन सड़कों के किनारे खड़े नजर आए।
वहीं, सर्द हवाओं और गलन से भी लोगों को बेहाल कर दिया। गलन के साथ ही आसमान से कोहरा फुहार बनकर गिरता रहा। सुबह दस बजे के बाद कोहरा छटना शुरू हो गया। जिसके बाद लोगों को कुछ राहत मिली। दिन में अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन शाम होते ही फिर से सर्दी बढ़ना शुरू हो गई।
मौसम विभाग ने दो से तीन दिनों में तापमान में और गिरावट की आशंका जताई है। भीषण सर्दी में बेजुबान परिंदे भी बेहाल हैं। कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी के प्रभारी डॉ.अनंत कुमार ने बताया कि रविवार अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।