अजीतमल (औरैया)। सोशल मीडिया पर तहसीलदार के खिलाफ वायरल एक खबर में अधिवक्ताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है। अधिवक्ताओं ने खबर को भ्रामक बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
शुक्रवार देर शाम सोशल मीडिया पर एक मामले में तहसीलदार संध्या शर्मा व अधिवक्ताओं के बीच कहासुनी व अधिवक्ताओं द्वारा धरना दिए जाने की चेतावनी लिखा पत्र पोस्ट कर दिया। इस दौरान कई अधिवक्ताओं के मौजूद होने की पुष्टि करते हुए उनके नाम भी पोस्ट कर दिए गए। कुछ अधिवक्ताओं को मामले की जानकारी होने पर हड़कंप मच गया। अजीतमल बार एसोसिएशन अध्यक्ष शेषनारायण सक्सेना ने बताया कि उन्हें इस मामले में कोई
जानकारी ही नहीं है। न ही वह ज्ञापन देने गए। किसी ने गलत तरीके से सोशल मीडिया पर उनका नाम पोस्ट किया है। महामंत्री धर्मेंद्र सिह चौहान ने बताया कि वह तो शुक्रवार को इटावा गए थे। एसोसिएशन के पूर्व मंत्री अरविंद सेंगर ने बताया कि तहसीलदार संध्या शर्मा से अधिवक्ताओं को कोई शिकवा नहीं है। न ही उन्होंने कोई ज्ञापन दिया है। उनका नाम भी ग्रुप पर पोस्ट करने में कोई न कोई साजिश है। अधिवक्ता ऋषि पांडेय ने भी अपनी मौजूदगी का खंडन किया।
उधर, तहसीलदार संध्या शर्मा ने बताया कि मुरादगंज क्षेत्र में एक युवक पर चकरोड पर कब्जा करने के मामले में शांतिभंग की कार्रवाई की गई थी। उसके द्वारा फिर से कब्जा करने की शिकायत आई थी। आरआई और लेखपाल को भेजकर चकरोड खुलवाया गया था। मामले को लेकर दो तीन अधिवक्ता उनके चैंबर में आए और चकरोड न होने की बात कही। कुछ अधिवक्ता ऐसे हैं जो अनर्गल दबाव बनाकर काम कराना चाहते हैं जो संभव नहीं है।