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प्रधान व सचिव के विरुद्ध एफआईआर के निर्देश

Tue, 24 Feb 2015 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो औरैया।
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ग्राम पंचायत के नाम धनराशि जारी करने के बाद भी निर्धारित स्वच्छ शौचालय न बनाना ग्राम प्रधान व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव को महंगा पड़ गया है। डिप्टी कलक्टर की रिपोर्ट पर डीएम ने अछल्दा विकास खंड की ग्राम पंचायत लहटोरिया की ग्राम प्रधान व पंचायत सेक्रेटरी के विरुद्ध विभागीय व विधिक कार्रवाई करने के साथ ही गबन की गई धनराशि की वसूली करने के निर्देश दिए हैं।
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अछल्दा विकास खंड की ग्राम पंचायत लहटोरिया में वर्ष 2010-11 में जिला पंचायत राज कार्यालय की ओर से 90 स्वच्छ शौचालय निर्माण के लिए 1 लाख 98 हजार रुपये की धनराशि निर्गत की गई थी। पिछले दिनाें जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव को शिकायती पत्र देकर उक्त ग्राम पंचायत में निर्धारित स्वच्छ शौचालय का निर्माण न कराकर धनराशि गबन करने की शिकायत की गई थी।

डीएम ने उक्त मामले की जांच डिप्टी कलक्टर प्रदीप वर्मा को सौंपी थी। पूरे मामले की तह तक जाते हुए डिप्टी कलक्टर श्री वर्मा ने मौके पर कुल 90 शौचालयों में से कुल 45 ही निर्मित पाए। जबकि इस मद की धनराशि भी उन्हें ग्राम पंचायत के खाते में मौजूद न मिली।
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सरकारी धनराशि के गबन किए जाने की रिपोर्ट डिप्टी कलक्टर ने डीएम को सौंपी। डीसी की रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को डीएम माला श्रीवास्तव ने ग्राम पंचायत लहटोरिया की ग्राम प्रधान मालती देवी व तत्कालीन सेक्रेटरी राम बहादुर के विरुद्ध मुख्य विकास अधिकारी व जिला पंचायत राज अधिकारी को विभागीय व विधिक कार्रवाई करने के साथ ही गबन की गई धनराशि की वसूली करने का आदेश जारी किया।

इस संबंध में खंड विकास अधिकारी विकास यादव ने बताया कि मामला उनके कार्यकाल के पहले का है। उक्त वित्तीय वर्ष में स्वच्छ शौचालय के लिए प्रति शौचालय निर्माण के लिए 2200 रुपये निर्धारित था।
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