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Auraiya News: 15 लाख के डेयरी लोन फर्जीवाड़े में दो पर केस दर्ज करने का आदेश

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= बैंक ऑफ महाराष्ट्र से फर्जी तरीके से निकाला गया था 15 लाख रुपये का लोन, पीड़ित को बाद में दी गई जान से मारने की धमकी
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। विशेष न्यायाधीश ने 15 लाख रुपये के डेयरी लोन घोटाले और धोखाधड़ी के एक मामले में बड़ा आदेश दिया है। न्यायालय ने प्रारंभिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विपक्षी दिलीप सिंह उर्फ दलेल और सुनील कुमार उर्फ सुशील के खिलाफ प्रथमदृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिए हैं। हालांकि, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शाखा प्रबंधक के खिलाफ प्रथमदृष्टया आपराधिक संलिप्तता न मिलने के कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई का कोई आधार नहीं पाया गया है।
अछल्दा थाना क्षेत्र के गांव वैसौली निवासी घनश्याम ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देते हुए बताया था कि वह कम पढ़ा-लिखा है। विपक्षी दिलीप सिंह और सुनील कुमार ने उसे डेयरी लोन के नाम पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 15 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत कराया। आरोप है कि विपक्षीगण ने षड्यंत्र रचकर और पीड़ित के खाते में मोबाइल नंबर बदलकर उसकी बिना जानकारी के पूरी धनराशि निकाल ली तथा गोल्ड लोन के नाम पर भी धोखाधड़ी की।
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जब पीड़ित ने इस संबंध में पूछताछ की, तो 21 जून 2026 को आरोपियों ने उसके साथ घर जाकर जातिसूचक गालियां दीं। न्यायालय ने आवेदक का प्रार्थना पत्र आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए संबंधित थानाध्यक्ष, थाना औरैया को आदेशित किया है कि वह आरोपी दिलीप सिंह और सुनील कुमार के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित करें।

अवैध खनन के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज
औरैया। दिबियापुर थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम की आड़ में अवैध खनन कराने और विरोध करने पर महिला को पीटने व धमकी देने के आरोपी लोकेंद्र की अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पारूल जैन अग्रिम जमानत खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि गंभीर प्रकृति के मामलों में अग्रिम जमानत एक असाधारण उपाय है और इसे नियमित रूप से नहीं दिया जा सकता। मामले की शुरुआत तब हुई जब दिबियापुर थाना क्षेत्र के कंचौसी बाजार निवासी श्रीमती अर्चना देवी ने नौ जून 2026 को डीएम कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था। शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया था कि उनके खेत और आसपास की ग्राम समाज की भूमि से अवैध रूप से मिट्टी का खनन कराया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर चकबंदी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में पुष्टि हुई कि बिना किसी वैध अनुमति के मिट्टी और गिट्टी उठाई गई है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान आरोपी लोकेन्द्र उर्फ श्यामजी के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी निर्दोष है। मौके से कोई ट्रैक्टर-ट्राली जब्त नहीं हुई है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त लोकेन्द्र की अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया। (संवाद)

जानलेवा हमले के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम पारूल जैन की अदालत ने जानलेवा हमला और आर्म्स एक्ट के मामले में आरोपी अनमोल तिवारी का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। वादी कपिल द्विवेदी के अनुसार, यह घटना 28 अगस्त 2026 को शाम रोडवेज बस स्टैंड के पास हुई। आरोप है कि अनिकेत ठाकुर उर्फ गुंडे, अनमोल तिवारी, हर्षित यादव, राघव शुक्ला, आलोक, शिवम राजपूत और दो अज्ञात लोगों ने एकराय होकर वादी को घेर लिया। विरोध करने पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई गई, जो चेहरे के पास से निकल गई और बारूद के जलने से गंभीर चोटें आईं। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अग्रिम जमानत का विरोध किया। अदालत ने केस डायरी, चश्मदीद गवाह विकास यादव के बयान और चिकित्सीय आख्या का अवलोकन किया। बाद में आरोपी अनमोल तिवारी की जमानत याचिका खारिज कर दी। (संवाद)

दुष्कर्म के आरोपी को नहीं मिली राहत
औरैया। सहायल थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी के अपहरण, दुष्कर्म और उसे गर्भवती करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने आरोपी शिवम कुमार की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अभियोजन के अनुसार, दो दिसंबर 2025 को आरोपी पीड़िता को जेवर और पचास हजार रुपये के साथ ले गया था। विवेचना में सामने आया कि आरोपी उसे आगरा, जयपुर और जोधपुर ले गया, जहां मंदिर में शादी कर पति-पत्नी की तरह रहने लगा। पीड़िता का यूरिन प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आया है और वह आठ माह की गर्भवती है। मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया। (संवाद)
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पॉक्सो कोर्ट ने ठुकराई दुष्कर्म के आरोपी की जमानत याचिका
औरैया। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के पीठासीन अधिकारी अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र की अदालत ने फफूंद थाने से जुड़े अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोपी अंकित कठेरिया का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। एक गांव निवासी पिता ने 10 मई 2026 को मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी 14 वर्षीय बेटी को हिमांशु अपने साथ ले गया है। आरोप था कि किशोरी अपने साथ एक मोबाइल फोन और घर में रखे 10 हजार रुपये भी ले गई थी। जब वादी हिमांशु के घर गया तो उसके परिजनों ने उसे गंदी-गंदी गालियां देकर भगा दिया था। विवेचना के दौरान सह-अभियुक्त अंकित का नाम भी प्रकाश में आया। किशोरी ने अपने बयानों में बताया कि हिमांशु कट्टे के बल पर उसे बाइक से ले गया और बाद में उसे अंकित के सुपुर्द कर दिया। आरोपी अंकित उसे जयपुर, फिरोजाबाद, दिल्ली, गुजरात, मुंबई, गुरुग्राम और सोनीपत सहित विभिन्न शहरों में घुमाता रहा और अंत में आगरा ले गया, जहां उसने पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी अंकित कठेरिया का जमानत प्रार्थना पत्र पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। (संवाद)
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