औरैया। ट्रॉलियों का इस्तेमाल केवल कृषि कार्य के लिए अनुमन्य है। परिवहन विभाग में बतौर व्यावसायिक 35 ट्रॉली पंजीकृत हैं।बावजूद इसके यहां पर हजारों की संख्या में ट्रॉलियां सड़कों पर दौड़ रही हैं। कहीं ईंटा ढोया जा रहा है तो कहीं पर सीमेंट ढुलाई हो रही है।
परिवहन विभाग के नियमों के अनुसार ट्रैक्टर के साथ प्रयोग की जाने वाली ट्रॉली का पंजीकरण होना चाहिए। पर जनपद में 15 हजार से अधिक ट्रॉलियां बिना पंजीकरण के सड़कों पर दौड़ रही हैं। ट्रैक्टर मालिक अफसरों की कार्रवाई से बचने के लिए उसमें कृषि कार्य हेतु लिखा लेते हैं।
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 15302 ट्रैक्टर पंजीकृत हैं। इसके सापेक्ष महज 93 ट्रॉलियां पंजीकरण हैं। जिसमें 35 का व्यावसायिक व अन्य कृषि कार्य के लिए पंजीकृत हैं। 15 हजार से अधिक बिना पंजीकरण वाली ट्रॉलियाें का व्यवसाय के रूप में किया जा रहा है।
इनमें अधिकांश ट्रॉलियों का प्रयोग माफिया खनन व ईंटा ढोने में करते हैं। जनपद में कई ऐसी भी ट्रॉलियां जिन्हें ट्रॉला का रूप दे दिया गया है। वह कभी भी हादसे का कारण बन सकता है। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की जाती है।
बिना पंजीकरण ट्रॉलियों के खिलाफ जल्द अभियान चलाया जाएगा। साथ ही मालिकों को ट्रॉली पंजीकरण के लिए जागरूक भी किया जाएगा।-नानक चंद्र शर्मा, एआरटीओ